राज्य
'वंदे मातरम्' का अपमान किया तो होगी जेल? सरकार ला सकती है नया कानून
केंद्र सरकार आगामी संसद के मानसून सत्र में कई अहम विधेयक पेश करने की तैयारी में है। इन्हीं में एक महत्वपूर्ण प्रस्तावित विधेयक ‘राष्ट्रीय सम्मान के अपमान की रोकथाम (संशोधन) विधेयक, 2026’ भी शामिल है।
केंद्र सरकार आगामी संसद के मानसून सत्र में कई अहम विधेयक पेश करने की तैयारी में है। इन्हीं में एक महत्वपूर्ण प्रस्तावित विधेयक ‘राष्ट्रीय सम्मान के अपमान की रोकथाम (संशोधन) विधेयक, 2026’ भी शामिल है। जिसके जरिए ‘वंदे मातरम’ को कानूनी संरक्षण देने की दिशा में बड़ा कदम उठाया जा सकता है। प्रस्तावित संशोधन के अनुसार, यदि कोई व्यक्ति जानबूझकर ‘वंदे मातरम’ के गायन या वादन का अपमान करता है या उसमें बाधा उत्पन्न करता है। उसके खिलाफ आपराधिक कार्रवाई की जा सकेगी। दोषी पाए जाने पर 3 साल तक की जेल, जुर्माना या दोनों की सजा का प्रावधान किया जा सकता है।
अमित शाह राज्यसभा में कर सकते हैं विधेयक पेश
सूत्रों के अनुसार, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह इस विधेयक को सबसे पहले राज्यसभा में पेश कर सकते हैं। बताया जा रहा है कि केंद्रीय मंत्रिमंडल की मंजूरी मिलने के बाद इसे सदन के एजेंडे में शामिल किया जाएगा। सरकार मानसून सत्र के दौरान पहले उन विधेयकों और अध्यादेशों को प्राथमिकता देना चाहती है जिन्हें वह महत्वपूर्ण मान रही है। ‘वंदे मातरम’ से जुड़ा प्रस्तावित कानून भी इसी श्रेणी में रखा गया है।
सरकारी कार्यक्रमों में ‘वंदे मातरम’ को मिलेगा कानूनी संरक्षण
सरकार पहले ही राज्यों को सरकारी कार्यक्रमों में ‘वंदे मातरम’ के गायन और वादन को लेकर दिशानिर्देश जारी कर चुकी है। अब प्रस्तावित कानून के माध्यम से इन प्रावधानों को कानूनी आधार देने की तैयारी है। यदि विधेयक संसद के दोनों सदनों से पारित होकर राष्ट्रपति की मंजूरी प्राप्त कर लेता है, तो ‘वंदे मातरम’ को राष्ट्रीय सम्मान से जुड़े अन्य प्रतीकों की तरह विशेष कानूनी संरक्षण मिल जाएगा।
राष्ट्रीय गान के समान होगी सजा
वर्तमान में राष्ट्रीय सम्मान के अपमान की रोकथाम अधिनियम के तहत राष्ट्रगान ‘जन गण मन’ के गायन में जानबूझकर बाधा डालना या उसका अपमान करना दंडनीय अपराध है। ऐसे मामलों में तीन साल तक की कैद, जुर्माना या दोनों की सजा का प्रावधान है। प्रस्तावित संशोधन के बाद यही प्रावधान ‘वंदे मातरम’ पर भी लागू किए जाने की योजना है। यानी यदि कोई व्यक्ति इसके गायन या वादन के दौरान जानबूझकर अशांति फैलाता है। अपमानजनक व्यवहार करता है या कार्यक्रम में व्यवधान उत्पन्न करता है, तो उसके खिलाफ समान कानूनी कार्रवाई की जा सकेगी।
20 जुलाई से 13 अगस्त तक चलेगा मानसून सत्र
सरकार की ओर से तैयार रणनीति के अनुसार संसद का मानसून सत्र 20 जुलाई से शुरू होकर 13 अगस्त तक चलेगा। इस दौरान कई महत्वपूर्ण विधेयकों पर चर्चा और पारित कराने की योजना है। इनमें आयकर संशोधन विधेयक, सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीशों की संख्या से जुड़े प्रस्ताव तथा अन्य प्रशासनिक और कानूनी सुधारों से संबंधित विधेयक भी शामिल हैं। सरकार को भरोसा है कि आवश्यक समर्थन के साथ वह अपने प्रमुख विधेयकों को संसद से पारित कराने में सफल रहेगी।
कानून बनने पर क्या बदलेगा?
यदि यह विधेयक कानून का रूप लेता है, तो ‘वंदे मातरम’ का अपमान या उसके गायन-वादन में जानबूझकर बाधा डालना एक स्पष्ट आपराधिक अपराध माना जाएगा। इससे ‘वंदे मातरम’ को राष्ट्रीय गान, राष्ट्रीय ध्वज और अन्य राष्ट्रीय प्रतीकों के समान कानूनी संरक्षण प्राप्त होगा। सरकार का कहना है कि इस कदम का उद्देश्य राष्ट्रीय सम्मान से जुड़े प्रतीकों की गरिमा बनाए रखना और उनके प्रति सम्मान सुनिश्चित करना है। हालांकि, विधेयक के अंतिम स्वरूप और उसके प्रावधानों पर संसद में चर्चा के बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट होगी।
Written By: Geeta Sharma
आपके दिए हुए प्रोफाइल को **राजीव सिंह** और **TNP News** के अनुसार ढालकर, NBT/Times of India से जुड़े संदर्भ हटाकर इस तरह किया जा सकता है: ## राजीव सिंह, TNP News में एडिटर और एक्सप्लेनर एक्सपर्ट हैं। राजीव सिंह TNP News में एक्सप्लेनर, स्पेशल स्टोरीज और रिसर्च आधारित खबरों की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। उनके एक्सप्लेनर राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय, बिजनेस, राजनीति, सामाजिक मुद्दों और एंटरटेनमेंट समेत विभिन्न कैटेगरी की खबरों से जुड़े होते हैं। किसी भी विषय पर स्टोरी तैयार करते समय शरद दीक्षित रिसर्च, डीप डाइव, फैक्ट चेक, वैल्यू एड और विशेषज्ञों की राय को विशेष महत्व देते हैं। TNP News के लिए वे महत्वपूर्ण और चर्चित मुद्दों पर विश्लेषणात्मक एवं रियल टाइम स्टोरीज तैयार करते हैं। उनका फोकस किसी भी खबर को केवल प्रस्तुत करने के बजाय उसके पीछे की पूरी कहानी, तथ्यों और उसके संभावित प्रभाव को पाठकों तक सरल और प्रभावी तरीके से पहुंचाने पर रहता है। राजीव सिंह को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम, राजनीति, बिजनेस, सामाजिक मुद्दों और मनोरंजन की खबरों पर लगातार नजर रखने का अनुभव है। किसी भी खबर पर उनकी पहली प्राथमिकता तथ्यों की पुष्टि और सटीक जानकारी होती है। इसके बाद वे यह समझने पर जोर देते हैं कि उस खबर का समाज, राजनीति, अर्थव्यवस्था और आम लोगों पर क्या प्रभाव पड़ सकता है। ### पत्रकारिता का अनुभव राजीव सिंह ने पत्रकारिता के क्षेत्र में डेस्क, ग्राउंड रिपोर्टिंग, इंटरव्यू, रिसर्च, डिजिटल कंटेंट और स्पेशल स्टोरीज जैसी विभिन्न भूमिकाओं में काम किया है। अपने पत्रकारिता करियर के दौरान उन्होंने समाचारों के पारंपरिक माध्यमों के साथ-साथ डिजिटल पत्रकारिता की बदलती जरूरतों और नई तकनीकों को भी करीब से समझा है। उन्होंने राष्ट्रीय और स्थानीय स्तर के महत्वपूर्ण मुद्दों को कवर करने के साथ-साथ राजनीतिक घटनाक्रम, चुनाव, सामाजिक विषयों, प्रशासनिक मुद्दों और जनसरोकार से जुड़े विषयों पर रिपोर्टिंग और विश्लेषण किया है। TNP News में राजीव सिंह का प्रमुख फोकस रिसर्च आधारित पत्रकारिता, एक्सप्लेनर स्टोरी, डीप डाइव, स्पेशल स्टोरी और तथ्यपरक विश्लेषण पर है। उनका प्रयास रहता है कि जटिल और महत्वपूर्ण विषयों को आसान भाषा में इस तरह प्रस्तुत किया जाए कि पाठक खबर के साथ-साथ उसके कारण, प्रभाव और पूरे संदर्भ को भी समझ सके। ### पत्रकारिता का दृष्टिकोण राजीव सिंह राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय घटनाओं, राजनीति, बिजनेस, सामाजिक मुद्दों और डिजिटल मीडिया के बदलते ट्रेंड पर उनकी लगातार नजर रहती है। वे खबर के तत्काल प्रभाव के साथ-साथ उसके दीर्घकालिक प्रभाव को भी समझने और पाठकों के सामने रखने पर जोर देते हैं। उनकी पत्रकारिता का उद्देश्य केवल खबर देना नहीं, बल्कि पाठकों को **खबर के पीछे की कहानी, तथ्य और उसका असर** समझाना है। ### TNP News में भूमिका TNP News में राजीव सिंह एक्सप्लेनर, स्पेशल स्टोरीज, डीप डाइव और रिसर्च आधारित कंटेंट के साथ काम कर रहे हैं। वे महत्वपूर्ण घटनाओं और ट्रेंडिंग मुद्दों पर रियल टाइम एक्सप्लेनर और विश्लेषणात्मक स्टोरी तैयार करने के साथ डिजिटल ऑडियंस की जरूरतों के अनुसार कंटेंट को सरल, विश्वसनीय और प्रभावी बनाने पर ध्यान देते हैं। TNP News के माध्यम से उनका प्रयास ऐसी पत्रकारिता को आगे बढ़ाना है जिसमें **तथ्य, रिसर्च, निष्पक्ष विश्लेषण और जनसरोकार** को प्राथमिकता मिले।