भारत तेजी से ऐसी अत्याधुनिक तकनीकों को विकसित करने की ओर बढ़ रहा है, जो आने वाले समय में देश की टेक्नोलॉजी क्षमता को नई पहचान दे सकती हैं। नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित भारत इनोवेट्स एक्सपोजिशन में इसकी तस्वीर साफ दिखाई दी। प्रदर्शनी में देश के 37 डीप-टेक स्टार्टअप्स और उद्यमों ने अपने विकसित किए गए तकनीकी समाधान पेश किए।

37 डीप-टेक इनोवेशन ने खींचा ध्यान

इन इनोवेशन में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), क्वांटम कंप्यूटिंग, समुद्री रोबोटिक्स, फ्लोटिंग सोलर सिस्टम, इलेक्ट्रिक मोबिलिटी समेत कई उभरते टेक्नोलॉजी सेक्टर शामिल रहे। यह आयोजन 11 और 12 सितंबर 2026 को 18वें BRICS शिखर सम्मेलन के समानांतर आयोजित किया गया।

भारतीय रिसर्च और स्टार्टअप इकोसिस्टम को मिला वैश्विक मंच

प्रदर्शनी का प्रमुख उद्देश्य भारत की रिसर्च लैबोरेटरीज, स्टार्टअप्स और रिसर्च पार्कों से विकसित हो रही तकनीकों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सामने लाना था। इसके जरिए भारतीय इनोवेटर्स को विदेशी निवेशकों, कंपनियों, विश्वविद्यालयों और रिसर्च संस्थानों से जुड़ने का अवसर भी मिला।

PM मोदी समेत BRICS नेताओं ने देखे डीप-टेक इनोवेशन

शिक्षा मंत्रालय ने विदेश मंत्रालय के सहयोग से इस प्रदर्शनी का आयोजन किया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत BRICS देशों के अन्य नेताओं ने भी प्रदर्शनी में भारतीय तकनीकों से जुड़े स्टॉल्स का दौरा किया और देश में विकसित हो रहे डीप-टेक समाधानों के बारे में जानकारी ली।

हेल्थटेक से स्पेस टेक तक दिखी नई तस्वीर

प्रदर्शनी में हेल्थटेक, सेमीकंडक्टर, क्वांटम टेक्नोलॉजी, स्पेस टेक, रोबोटिक्स, बायोटेक, क्लाइमेट टेक, रिन्यूएबल एनर्जी और टेलीकम्युनिकेशन जैसे क्षेत्रों में काम कर रहे स्टार्टअप्स ने हिस्सा लिया।

AI से कैंसर और दिल की बीमारी की जांच में मदद

हेल्थटेक सेक्टर में Periwinkle Technologies ने AI आधारित सर्वाइकल कैंसर स्क्रीनिंग और ट्रायेज प्लेटफॉर्म पेश किया। कंपनी के मुताबिक, इसका सिस्टम 60 सेकंड से कम समय में सर्वाइकल कैंसर के संभावित जोखिम का आकलन करने में मदद कर सकता है।

2 हजार से ज्यादा हेल्थकेयर सेंटर

वहीं, Tricog Health ने अपना AI आधारित कार्डियक इंटेलिजेंस प्लेटफॉर्म प्रदर्शित किया। यह तकनीक रियल-टाइम ECG एनालिसिस के जरिए मरीजों की स्थिति समझने और जरूरी मामलों को प्राथमिकता देने में मदद करती है। कंपनी के अनुसार, उसका समाधान 12,000 से अधिक हेल्थकेयर सुविधाओं में इस्तेमाल हो रहा है और अब तक 3.5 करोड़ से ज्यादा मरीजों तक पहुंच चुका है।

क्वांटम कंप्यूटिंग में भारत की बढ़ती तैयारी

क्वांटम टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में QpiAI ने सुपरकंडक्टिंग क्यूबिट्स पर आधारित अपने क्वांटम कंप्यूटिंग सिस्टम प्रदर्शित किए। कंपनी के पोर्टफोलियो में अलग-अलग जरूरतों के लिए तैयार किए गए कई सिस्टम शामिल हैं। इनमें रिसर्च और एजुकेशन के लिए 8-क्यूबिट वाला Qvidya, एडवांस्ड रिसर्च और हाइब्रिड कंप्यूटिंग के लिए 25-क्यूबिट वाला Indus और भविष्य में बड़े स्तर पर विस्तार को ध्यान में रखकर विकसित किया गया 64-क्यूबिट प्रोसेसर Kaveri शामिल है।

समुद्र के भीतर इंफ्रास्ट्रक्चर की निगरानी के लिए रोबोट

समुद्री तकनीक के क्षेत्र में EyeRov ने स्वदेशी मरीन रोबोटिक्स प्लेटफॉर्म का प्रदर्शन किया। इसका इस्तेमाल समुद्र के भीतर मौजूद महत्वपूर्ण इंफ्रास्ट्रक्चर की निगरानी और जांच के लिए किया जा सकता है।

ROV, ASV और AUV से लैस है मरीन रोबोटिक्स प्लेटफॉर्म

प्लेटफॉर्म में रिमोटली ऑपरेटेड व्हीकल (ROV), ऑटोनॉमस सरफेस व्हीकल (ASV) और ऑटोनॉमस अंडरवाटर व्हीकल (AUV) जैसी तकनीकें शामिल हैं। इसके साथ AI आधारित एनालिटिक्स क्षमता भी दी गई है, जिससे समुद्री डेटा का विश्लेषण करने में मदद मिलती है।

फ्लोटिंग सोलर से लेकर रेयर-अर्थ-फ्री मोटर तक

रिन्यूएबल एनर्जी के क्षेत्र में Quantsolar Technologies ने फ्लोटिंग सोलर फोटोवोल्टिक प्लेटफॉर्म पेश किया। कंपनी की तकनीक को ऐसे जल क्षेत्रों में सोलर पावर सिस्टम स्थापित करने के लिए विकसित किया गया है, जहां पारंपरिक फ्लोटिंग सोलर समाधान लागू करना चुनौतीपूर्ण हो सकता है।

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Chara Technologies ने दिखाया रेयर-अर्थ-फ्री पावरट्रेन

इलेक्ट्रिक मोबिलिटी सेक्टर में Chara Technologies ने रेयर-अर्थ-फ्री इलेक्ट्रिक पावरट्रेन तकनीक प्रदर्शित की। इसका लक्ष्य इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए ऐसी ड्राइवट्रेन तकनीक विकसित करना है, जो लागत, संसाधनों और स्थिरता से जुड़ी चुनौतियों को कम करने में मदद कर सके।