Pilibhit Industrial Corridor: उत्तर प्रदेश के पीलीभीत के बीसलपुर क्षेत्र के लिए औद्योगिक विकास की बड़ी उम्मीद जगी है। प्रस्तावित गोरखपुर-शामली एक्सप्रेसवे के किनारे करीब 110 एकड़ भूमि पर औद्योगिक कॉरिडोर विकसित करने की तैयारी है। इसका मकसद क्षेत्र में औद्योगिक निवेश बढ़ाने के साथ रोजगार के नए अवसर पैदा करना है।
बीसलपुर में बनेगा दूसरा बड़ा औद्योगिक हब
बता दें कि जिले में औद्योगिक गतिविधियों को रफ्तार देने के लिए बीसलपुर क्षेत्र को दूसरे बड़े औद्योगिक केंद्र के रूप में विकसित करने की योजना बनाई जा रही है। यह क्षेत्र शाहजहांपुर सीमा से सटा हुआ है और प्रस्तावित एक्सप्रेसवे के किनारे होने के कारण इसे औद्योगिक निवेश के लिए अहम माना जा रहा है। शासन से मिले निर्देशों के बाद जिलाधिकारी ज्ञानेंद्र सिंह ने एसडीएम बीसलपुर से प्रस्तावित भूमि और परियोजना से जुड़े अन्य पहलुओं पर विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। अधिकारियों को भूमि की उपलब्धता, कनेक्टिविटी और आधारभूत सुविधाओं की संभावनाओं का आकलन करने के निर्देश दिए गए हैं।
Plug and Play मॉडल पर होगा विकास
प्रस्तावित औद्योगिक हब को Plug and Play Model पर विकसित करने की योजना है। इसका मतलब है कि उद्योग लगाने वाले उद्यमियों को जरूरी बुनियादी सुविधाएं पहले से उपलब्ध कराने पर जोर दिया जाएगा, ताकि उन्हें उद्योग स्थापित करने में कम समय और परेशानी हो। प्रस्ताव में करीब 100 विश्वस्तरीय औद्योगिक पार्क विकसित किए जाने की बात सामने आई है। इससे अलग-अलग क्षेत्रों के उद्योगों और निवेशकों को बीसलपुर की ओर आकर्षित करने में मदद मिलने की उम्मीद है।
एक्सप्रेसवे से मलेगी बड़ी कनेक्टिविटी
औद्योगिक कॉरिडोर के लिए चिह्नित जमीन की सबसे बड़ी खासियत इसका प्रस्तावित गोरखपुर-शामली एक्सप्रेसवे के किनारे होना है। एक्सप्रेसवे की कनेक्टिविटी मिलने से कच्चे माल की आवाजाही और तैयार उत्पादों को बाजार तक पहुंचाने में आसानी हो सकती है। बेहतर कनेक्टिविटी से लॉजिस्टिक्स लागत और समय में भी फायदा मिलने की उम्मीद है। इससे क्षेत्र में निवेश बढ़ने के साथ स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर पैदा हो सकते हैं।
पहले भरापचपेड़ा, अब बीसलपुर पर फोकस
पीलीभीत में भरापचपेड़ा क्षेत्र में औद्योगिक हब विकसित करने की पहल के बाद अब बीसलपुर को दूसरे बड़े औद्योगिक केंद्र के तौर पर विकसित करने की तैयारी है। अब तक जिले की कई बड़ी विकास परियोजनाओं का फोकस पूरनपुर, अमरिया और सदर क्षेत्र में रहा है। बीसलपुर को औद्योगिक नक्शे पर लाने की यह पहल शाहजहांपुर सीमा से जुड़े इस क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
110 एकड़ जमीन का जुटाया जा रहा ब्योरा
डीएम ज्ञानेंद्र सिंह के मुताबिक शासन के निर्देशों के बाद प्रस्तावित क्षेत्र में भूमि और अन्य आवश्यक संसाधनों का ब्योरा जुटाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि गोरखपुर-शामली एक्सप्रेसवे के किनारे औद्योगिक कॉरिडोर विकसित करने का प्रस्ताव है और इसके लिए करीब 110 एकड़ भूमि चिह्नित की गई है। परियोजना की आगे की रूपरेखा भूमि, कनेक्टिविटी और उपलब्ध आधारभूत सुविधाओं की रिपोर्ट के आधार पर तय की जाएगी।