Uttar Pradesh: समाजवादी पार्टी में मुस्लिम समुदाय से प्रमुख चेहरा व वरिष्ठ नेता और उत्तर प्रदेश के पूर्व मंत्री मोहम्मद आजम खान ने ED द्वारा अपनी फिर से गिरफ्तारी को लेकर सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है। लंबे समय से जेल की सलाखों के पीछे रह चुके आजम खान को खुली हवा रास आ गई है। आजम खान ने 2 पैन कार्ड मामले में जेल से रिहाई के 40 मिनट बाद ही फिर से गिरफ्तारी वाले मुद्दे में आवाज उठाते हुए सुप्रीम कोर्ट का रूख किया है। उन्होंने ईडी की गिरफ्तारी और फिर से न्यायिक हिरासत में भेजने वाले आदेश को रद्द करने की मांग उठाई है।

न्यायिक हिरासत के आदेश को निरस्त करने की मांग

मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत के समझ पेश हुए आजम खान के अधिवक्ता निजाम पाशा ने आजम खान की याचिका रखी। इसे याचिका पर वकील ने तत्काल सुनवाई करने की मांग की। मुख्य न्यायाधीश ने मामले में इसी हफ्ते सुनवाई को लेकर सहमति जाहिर की थी। आजम खान ने अपनी याचिका में न्यायिक हिरासत के आदेश को निरस्त करने की मांग करते हुए राहत देने की बात अपनी याचिका में कही है। दरअसल इस पूरे घटनाक्रम को लेकर उनकी गिरफ्तारी की वैधता पर सवाल उठाए गए हैं। मामले में सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई पर नजरें टिकी हैं।

40 मिनट में दोबारा गिरफ्तारी से मचा हड़कंप

दरअसल, 29 अक्टूबर 2026 को इलाहाबाद हाईकोर्ट ने आजम खान और उनके बेटे अब्दुल्ला आजम खान को कथित दो पैन कार्ड मामले में जमानत दी थी। इसके बाद 31 अक्टूबर को रामपुर जेल से बाहर आते ही करीब 40 मिनट के भीतर ED ने आजम खान को एक दूसरे मामले में गिरफ्तार कर लिया। यह मामला मौलाना मोहम्मद अली जौहर ट्रस्ट और जौहर यूनिवर्सिटी से जुड़े कथित मनी लॉन्ड्रिंग का है।


सुप्रीम कोर्ट में आजम खान ने क्या मांग की?

आजम खान के वकील निजाम पाशा ने 2 नवंबर को मुख्य न्यायाधीश जस्टिस सूर्यकांत की पीठ के सामने याचिका का उल्लेख किया।

याचिका में मुख्य रूप से ये मांगें रखी गई हैं।

ED द्वारा की गई गिरफ्तारी को रद्द किया जाए।

1 नवंबर को विशेष अदालत द्वारा न्यायिक हिरासत में भेजने का आदेश निरस्त किया जाए।

आजम खान को तत्काल हिरासत से रिहा किया जाए।

सुप्रीम कोर्ट ने तत्काल सुनवाई की मांग स्वीकार नहीं की, लेकिन मामले को इसी सप्ताह सुनवाई के लिए सूचीबद्ध करने की बात कही।

क्या आजम खान को जाएंगे फिर जेल?

फिलहाल आजम खान को सुप्रीम कोर्ट से तत्काल राहत नहीं मिली है। उनकी गिरफ्तारी और न्यायिक हिरासत को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई इसी सप्ताह होने की संभावना है।अब सबकी निगाहें सुप्रीम कोर्ट की अगली सुनवाई पर टिकी हैं। अदालत का फैसला तय करेगा कि आजम खान को इस मामले में राहत मिलती है या उनकी न्यायिक हिरासत जारी रहती है।

 

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