नई दिल्ली: कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने मंगलवार को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर आरोप लगाया है कि केंद्र सरकार संसद का विशेष सत्र बुलाने की तैयारी कर सकती है। उनके मुताबिक, परिसीमन से जुड़े विधेयकों को संसद में पेश करने के उद्देश्य से ऐसा कदम उठाया जा सकता है। जयराम रमेश ने संसद का सत्रावसान नहीं किए जाने को लेकर भी सवाल उठाए हैं। इस मुद्दे पर राजनीतिक चर्चा तेज हो गई है।
विवादित परिसीमन बिल पास करने को लेकर कांग्रेस ने शाह पर लगाया आरोप
दरअसल, कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने मॉनसून सेशन के अनिश्चित काल के लिए स्थगित होने के 82 दिन बाद भी संसद को बिना रोके रखने के लिए सरकार की आलोचना की है। इस संदर्भ में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करते हुए उन्होंने कहा है कि यह अजीब देरी इसलिए हुई क्योंकि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह विवादित परिसीमन बिल पास करने के लिए एक संभावित विशेष सत्र का रास्ता खुला रखने की कोशिश कर रहे हैं।
शाह "धोखा, बड़बोलापन और शेखी बघारने का मास्टर": जयराम रमेश
कांग्रेस नेता रमेश ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर निशाना साधते हुए कहा कि वह "धोखा, बड़बोलापन और शेखी बघारने का मास्टर" वाले हैं। उन्होंने दावा किया कि जब पिछले साल संयुक्त विपक्ष ने वोटर लिस्ट के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) पर बहस की मांग की, तो शाह ने यह कहते हुए मना कर दिया कि ऐसे मामले सिर्फ चुनाव आयोग (ECI) का अधिकार है।
लोकसभा में दो-तिहाई बहुमत से बिल पास के लिए बुला रहे विशेष सत्र
कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने कहा कि, "संसद के मॉनसून सेशन को अनिश्चित काल के लिए स्थगित हुए 82 दिन बीत चुके हैं और इसे अभी तक स्थगित नहीं किया गया है। ऐसा इसलिए है क्योंकि गृह मंत्री अभी भी लोकसभा में दो-तिहाई बहुमत के साथ परिसीमन बिल पास करने के लिए स्पेशल सेशन बुलाने के विचारों पर विचार कर रहे हैं।" रमेश ने दावा किया कि इन बिलों का मकसद 2029 में होने वाले चुनावों में भारतीय जनता पार्टी (BJP) को हार से बचाना है। उन्होंने आगे कहा कि, इन बिलों का कंटेंट अभी भी पता नहीं है, हालांकि इसका मकसद साफ है: BJP को 2029 में होने वाली हार से बचाना।
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