Kerala News: केरल के पथानामथिट्टा में कांग्रेस के नेतृत्व वाले संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चे के संयोजक कन्वीनर अदूर प्रकाश का एक बड़ा बयान सामने आया है। जिसमें उन्होंने सीएम और यूडीएफ मोर्चे के अध्यक्ष वी.डी सतीशान से कथित मतभेदों के बीच लिए फैसलों पर अपनी असंतुष्टि अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के सामने जाहिर की। यूडीएफ संयोजक अडूर प्रकाश द्वारा सतीशान से खिलाफ उठाए गए सवाल को बड़ी साजिश बताया। उन्होंने कहा कि, पार्टी और सरकार के एक विशेष वर्ग खासकर एआईसीसी महासचिव केसी वेणुगोपाल के प्रति निष्ठा रखने वाले लोग, फैसलों के एकतरफा तरीके से नाखुश हैं।

एआईसीसी को सौंपेंगे अपनी राय

वरिष्ठ नेता और गृहमंत्री रमेश चेन्निथला भी इससे दूरी बनाए हुए दिख रहे हैं। राजनीतिक मामलों की समिति के एक सदस्य ने कहा कि यूडीएफ संयोजक अडूर प्रकाश ने जो व्यक्त किया वह पार्ची के अंदर चल रहे मतभेद है। इस मामले में अडूर प्रकाश ने बातचीत करते हुए कहा कि, वह 2 से 3 दिन के अंदर एआईसीसी को अपनी राय सौंपेंगे। उन्होंने यह भी साफ कर दिया है। वह किसी को अपने साथ शामिल नहीं कर रहे। मैं इसपर खुद अपनी राय दूंगा। दरअसल अदूर प्रकाश ने इससे पहले यूडीएफ से परामर्श लिए बगैर ही केरल सरकार द्वारा लिए फैसले पर असंतोष जताया था। कहा जा सकता है कि उन्हें विभिन्न नियुक्तियों के बारे में समाचार के माध्यम से जानकारी मिली है।

बगैर चर्चा के सरकार ले रही फैसला

अडूर प्रकाश ने यह भी कहा कि केरल में यूडीएफ की कोई बैठक नहीं हुई है। मुख्यमंत्री को बैठक बुलाने की पहल करनी चाहिए, वे मोर्चे के अध्यक्ष हैं। कई मुद्दों पर चर्चा और निर्णय लेने हैं। विभिन्न बोर्डों में नियुक्तियों के संबंध में यूडीएफ संयोजक होने के नाते मुझे सूचित करने वाले लोगों ने मुझे सूचित नहीं किया है। अभी बगैर चर्चा के लिए सरकार कोई भी फैसला ले रही है।

कई मामलों पर बिना चर्चा के फैसले ले रही है। मैं इस संबंध में एआईसीसी को अपनी असहमति से अवगत कराउंगा। मुझे इन नियुक्तियों के बारे में जानकारी होनी चाहिए। कन्वीनर अदूर प्रकाश ने खेल मंत्री और युवा कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष ओजे जनीश पर हुए कथित हमले के मुद्दे को भी उठाया।

मंत्री पर हुए हमले के मुद्दे को उठाया

उन्होंने कहा कि यह घटना उस समय हुई जब चुनाव आयोग के खिलाफ प्रदर्शन किया जा रहा था। जनीश पर हुए कथित हमले की निंदा करते हुए आरोप लगाया कि डीवाईएफआई-सीपीआई (एम) कार्यकर्ताओं ने सीपीआई (एम) नेतृत्व के साथ यह हमला किया है। सरकार ने कथित हमले को "अस्वीकार्य" बताया। उन्होंने कहा कि मंत्री पर कथित रूप से हमला करने वालों के साथ-साथ सीपीआई (एम) और डीवाईएफआई के उन नेताओं को भी कानून के समक्ष लाया जाएगा जिन पर हमले को अंजाम देने की साजिश रचने का आरोप है।

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