Delhi News: भगवान श्री कृष्ण पर विवादित टिप्पणी करने के बाद बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री एक बार फिर विवादों में घिर गए हैं। भगवान श्रीकृष्ण पर की गई आपत्तिजनक टिप्पणी के बाद देशभर में जहां बाबा बागेश्वर के खिलाफ विरोध शुरू हो चुका है, तो वहीं दूसरी तरफ इसी मामले में सांसद पप्पू यादव ने दिल्ली के पार्लियामेंट स्ट्रीट पुलिस थाने पहुंच चुके हैं। जहां उन्होंने धीरेंद्र शास्त्री के खिलाफ FIR दर्ज कराने और 100 करोड़ रुपये का मानहानि मुकदमा करने की बात कही है।
क्या है पूरा मामला?
यह पूरा मामला धीरेंद्र शास्त्री से जुड़ा है। जहां मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले के करेरा में धीरेंद्र शास्त्री श्रीराम कथा कर रहे थे। इसी दौरान उन्होंने भगवान श्रीराम और भगवान श्रीकृष्ण की तुलना करते हुए श्रीकृष्ण की मुद्रा और बांसुरी बजाने को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी कर दी। इस पूरे वाक्य का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इसके बाद कई श्रद्धालुओं, संतों और यादव समाज के लोगों ने उनके खिलाफ नाराजगी जाहीर करते हुए मौर्चा खोल दिया है। लोगों ने आरोप लगाया है कि इस टिप्पणी से भगवान श्रीकृष्ण की धार्मिक भावनाओं का अपमान हुआ है।
पप्पू यादव ने क्यों उठाया FIR का मुद्दा?
जहां बाबा बागेश्वर उर्फ धीरेंद्र शास्त्री को आम लोगों की आलोचना का सामना करना पड़ रहा है। तो वहीं इस मामले में बिहार के पूर्णिया से सांसद पप्पू यादव ने कड़ी आपत्ति जताई है। उन्होंने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण करोड़ों लोगों की आस्था के केंद्र हैं। उनके बारे में इस तरह की टिप्पणी स्वीकार नहीं की जा सकती। 2 नवंबर को मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि वह 3 नवंबर को दिल्ली के पार्लियामेंट स्ट्रीट थाने में धीरेंद्र शास्त्री के खिलाफ FIR दर्ज कराने पहुंचेंगे। साथ ही उन्होंने 100 करोड़ रुपये के मानहानि मुकदमे की भी बात कही।
विवाद बढ़ने के बाद धीरेंद्र शास्त्री ने मांगी माफी
विवाद बढ़ता देख धीरेंद्र शास्त्री ने अपनी टिप्पणी पर सफाई दी और माफी मांगी। उन्होंने कहा कि उनका उद्देश्य भगवान श्रीकृष्ण का अपमान करना नहीं था। उन्होंने अपनी बात को विनोद और प्रेमभाव में कही गई टिप्पणी बताया। उन्होंने यह भी कहा कि वह भगवान श्रीकृष्ण के विरोधी नहीं हैं और उनके प्रति उनकी गहरी आस्था है।
यादव समाज और संतों में भी नाराजगी
धीरेंद्र शास्त्री की टिप्पणी के विरोध में मध्य प्रदेश के भिंड और शिवपुरी में भी प्रदर्शन हुए। यादव समाज के संगठनों ने पुलिस और प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर कार्रवाई की मांग की। वहीं संत समाज के कुछ लोगों ने भी इस टिप्पणी पर आपत्ति जताई है।
अब आगे क्या होगा?
फिलहाल अब इस मामले में पप्पू यादव की तरफ से FIR दर्ज कराने की मांग और मानहानि मुकदमे की घोषणा सुर्खियों में छाई हुई है। पुलिस में शिकायत और FIR दर्ज होने की स्थिति को अलग-अलग समझना जरूरी है। लेकिन धर्म का आडंबर कर लोगों की धार्मिक भावनाओं से खिलवाड़ आखिर कब तक होता रहेगा?
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