नई दिल्ली: मणिपुर से सांसद अंगोमचा बिमोल अकोइजम की अग्रिम जमानत याचिका पर दिल्ली की अदालत ने दिल्ली पुलिस को नोटिस जारी किया है। सांसद ने गिरफ्तारी से राहत पाने के लिए अदालत में अग्रिम जमानत की मांग की है। कोर्ट ने इस याचिका पर दिल्ली पुलिस से जवाब मांगा है। अब इस मामले में सबकी नजर पुलिस के जवाब और अदालत की अगली सुनवाई पर टिकी है।

कोर्ट ने अग्रिम जमानत याचिका पर दिल्ली पुलिस को जारी किया नोटिस

दिल्ली के राउज़ एवेन्यू कोर्ट ने मंगलवार 3, नवंबर को मणिपुर के MP और जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी (JNU) के प्रोफेसर बिमोल अकोईजाम की अग्रिम जमानत याचिका पर दिल्ली पुलिस को नोटिस जारी किया। कोर्ट ने अगली सुनवाई की तारीख 5 नवंबर तक अंतरिम प्रोटेक्शन बढ़ा दिया है। इस मामले में प्रोफेसर बिमोल अकोई वसंत कुंज नॉर्थ पुलिस स्टेशन में दर्ज FIR केस में अग्रिम जमानत मांग रहे हैं।

कोर्ट ने इस मामले में 5 नवंबर को बहस के लिए लिस्ट किया

दरअसल, यह मामला जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) में प्रोफेसर रहते हुए सांसद पर लगे कथित यौन उत्पीड़न के आरोपों से जुड़ा है। इस मामले में करीब 11 छात्राओं ने शिकायतें की थीं। जिसके बाद दिल्ली पुलिस ने इस मामले में FIR दर्ज की है। हालांकि, सांसद बिमोल अकोइजाम ने आरोपों से इनकार किया है। इस मामले में केस के स्पेशल जज दिग विनय सिंह ने दिल्ली पुलिस को नोटिस जारी किया और मामले को 5 नवंबर को बहस के लिए लिस्ट किया। हालांकि, इस मामले में  दिल्ली पुलिस पहले ही पटियाला हाउस कोर्ट में जवाब फाइल कर चुकी है।

अकोईजाम के खिलाफ फाइल की गई कंप्लेंट रिकॉर्ड रखने का निर्देश 

दिल्ली के राउज़ एवेन्यू कोर्ट ने पुलिस को अकोईजाम के खिलाफ स्टूडेंट्स द्वारा फाइल की गई कंप्लेंट को रिकॉर्ड में रखने का निर्देश दिया है। एडिशनल पब्लिक प्रॉसिक्यूटर (APP) मनीष रावत दिल्ली पुलिस की ओर से पेश हुए और नोटिस स्वीकार कर लिया। वहीं  इस केस में आरोपी के वकील ने कहा कि अकोईजाम को 12 अक्टूबर को मणिपुर कोर्ट ने 20 अक्टूबर तक के लिए ट्रांजिट बेल दी थी। इसे 29 अक्टूबर तक बढ़ा दिया गया था। इसके बाद, आरोपी ने अग्रिम जमानत के लिए पटियाला हाउस कोर्ट का रुख किया। उसे 2 नवंबर तक अंतरिम सुरक्षा दी गई थी।