नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के ज़रिए लगभग 21,800 करोड़ रुपये के महाराष्ट्र के पुणे में मेट्रो परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया। इन परियोजनाओं का उद्देश्य पुणे में सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को बेहतर बनाना, यात्रियों की सुविधा बढ़ाना और शहर में ट्रैफिक की समस्या को कम करने में मदद करना है। मेट्रो नेटवर्क के विस्तार से पुणे और आसपास के क्षेत्रों में कनेक्टिविटी मजबूत होने की उम्मीद है। इन परियोजनाओं से शहर के विकास और आधुनिक परिवहन सुविधाओं को भी बढ़ावा मिलेगा।
21,800 करोड़ रुपये के पुणे में मेट्रो परियोजनाओं का उद्घाटन
इस कार्यक्रम में महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस भी शामिल हुएऔर उन्होंने 8,300 करोड़ रुपये से ज़्यादा की लागत से बनी पुणे मेट्रो लाइन 3, जिसे पिंक लाइन के नाम से भी जाना जाता है, का उद्घाटन किया। यह परियोजना तकनीकी नवाचार और आधुनिक परिवहन समाधान के ज़रिए पुणे के शहरी मोबिलिटी इंफ्रास्ट्रक्चर को मज़बूत करने की दिशा में एक ज़रूरी कदम है।
कई मार्ग से जोड़ती है 23 किलोमीटर लंबी पिंक लाइन मेट्रो स्टेशन
यह लगभग 23 किलोमीटर लंबी पिंक लाइन को डिस्ट्रिक्ट कोर्ट मेट्रो स्टेशन से जोड़ती है। यह कॉरिडोर हिंजेवाड़ी IT हब और शिवाजीनगर के बीच मेट्रो कनेक्टिविटी देगा। जिससे पुणे के बड़े रोज़गार सेंटर्स में से एक तक पहुँच बेहतर होगी और हज़ारों IT प्रोफेशनल्स और दूसरे यात्रियों के रोज़ाना आने-जाने में आसानी होगी।
प्राइवेट गाड़ियों पर निर्भरता होगी कम, ट्रैफिक जाम से मिलेगी मुक्ति
यह कॉरिडोर मौजूदा मेट्रो नेटवर्क के साथ जुड़ जाएगा। जिससे पुणे के अलग-अलग हिस्सों में आसानी से कनेक्टिविटी मिलेगी। इससे प्राइवेट गाड़ियों पर निर्भरता कम करने, ट्रैफिक जाम और गाड़ियों से होने वाले एमिशन को कम करने और बड़े कमर्शियल और रेजिडेंशियल एरिया तक पहुँच बेहतर करने में मदद मिलेगी। प्रधानमंत्री ने पुणे मेट्रो के फेज़-II का भी शिलान्यास किया, जिसे लगभग 13,500 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से बनाया जाएगा। फेज़-II में पुणे मेट्रो लाइन 2A, 2B, 4 और 4A शामिल हैं। जो शहर के मेट्रो नेटवर्क को काफी बढ़ाएंगे और ज़रूरी रेजिडेंशियल, कमर्शियल और IT हब में कनेक्टिविटी को मज़बूत करेंगे।