Patna News: बिहार में खाद्य पदार्थों में मिलावट करने वालों के खिलाफ नीतीश सरकार ने सख्त रुख अपना लिया है। दूध में ऑक्सीटोसिन, फॉर्मेलिन, डिटर्जेंट, यूरिया और स्टार्च जैसी हानिकारक चीजों की मिलावट से लेकर फलों को कृत्रिम रूप से पकाने में प्रतिबंधित रसायनों के इस्तेमाल तक की शिकायतों पर स्वास्थ्य विभाग ने कार्रवाई तेज कर दी है। स्वास्थ्य मंत्री श्री निशांत कुमार ने वीडियो संदेश जारी कर बताया कि राज्य के सभी 38 जिलों में अब तक 530 से अधिक खाद्य प्रतिष्ठानों का निरीक्षण और छापेमारी की जा चुकी है। उन्होंने साफ कहा कि लोगों की सेहत से खिलवाड़ करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।
38 जिलों में 530 से ज्यादा प्रतिष्ठानों पर कार्रवाई
स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि खाद्य पदार्थों में मिलावट और खाद्य सुरक्षा मानकों के उल्लंघन की शिकायतें मिलने के बाद विभागीय स्तर पर विशेष टीमें गठित की गई थीं। इन टीमों को खाद्य पदार्थों के निर्माण, भंडारण और वितरण से जुड़े प्रतिष्ठानों की जांच करने के निर्देश दिए गए।
अभियान के तहत पूरे बिहार में 530 से अधिक प्रतिष्ठानों का निरीक्षण और छापेमारी की गई है। जहां भी अनियमितताएं मिलीं, वहां लाइसेंस निलंबित करने, विनिर्माण बंद कराने, नोटिस जारी करने और खाद्य सामग्री जब्त करने जैसी कार्रवाई की गई है।
दूध से लेकर फलों तक, मिलावट पर सरकार की नजर
खाद्य सुरक्षा विभाग को दूध में ऑक्सीटोसिन, फॉर्मेलिन, डिटर्जेंट, यूरिया और स्टार्च जैसी हानिकारक चीजों की मिलावट की शिकायतें मिली थीं। इसके अलावा फलों को जल्दी पकाने के लिए प्रतिबंधित रसायनों के इस्तेमाल का मामला भी सामने आया था।
इन शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए सरकार ने खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता की जांच और संदिग्ध प्रतिष्ठानों के खिलाफ कार्रवाई का अभियान शुरू किया है।
साल के 365 दिन जारी रहेगा छापेमारी अभियान
स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार ने स्पष्ट किया कि खाद्य पदार्थों की शुद्धता और गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए यह अभियान केवल कुछ दिनों तक सीमित नहीं रहेगा। इसे साल के 365 दिन जारी रखा जाएगा।
उन्होंने कहा कि विभाग में मानव बल बढ़ाने की दिशा में भी काम किया जा रहा है, ताकि जांच और कार्रवाई की व्यवस्था को और प्रभावी बनाया जा सके।
खाद्य कारोबारियों और आम लोगों से मंत्री की अपील
स्वास्थ्य मंत्री ने सभी खाद्य कारोबारियों से अपील की कि वे खाद्य सुरक्षा के निर्धारित मानकों का पूरी ईमानदारी से पालन करें। वहीं, आम नागरिकों को खाद्य सामग्री खरीदते समय उसकी गुणवत्ता, पैकेजिंग, निर्माण तिथि और एक्सपायरी डेट जरूर जांचने की सलाह दी।
उन्होंने लोगों से किसी भी संदिग्ध गतिविधि या मिलावट की जानकारी खाद्य सुरक्षा विभाग को देने की अपील भी की।
मंत्री ने दो टूक कहा कि बिहार के लोगों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ करने वालों को किसी भी परिस्थिति में बख्शा नहीं जाएगा। मिलावटखोरी और खाद्य सुरक्षा नियमों के उल्लंघन के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
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