Lucknow News: उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव 2027 से पहले मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर सियासी घमासान तेज हो गया है। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने शुक्रवार को भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि भाजपा SIR प्रक्रिया के जरिए मतदाता सूची में हेरफेर करने और लोगों को उनके मतदान के अधिकार से वंचित करने की साजिश कर रही है। अखिलेश ने दावा किया कि उत्तर प्रदेश में भाजपा को करारी हार का सामना करना पड़ेगा।
बंगाल चुनाव का जिक्र कर चुनाव आयोग पर उठाए सवाल
लखनऊ में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान अखिलेश यादव ने पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव का जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि वहां SIR के माध्यम से मतदाताओं के नाम काटे गए और केंद्रीय सुरक्षा बलों की तैनाती कर चुनाव को प्रभावित करने की कोशिश हुई। उन्होंने चुनाव आयोग की भूमिका पर भी सवाल उठाए।
अखिलेश ने कहा कि कई राज्यों के लोगों, राजनीतिक दलों और विपक्ष ने SIR प्रक्रिया पर सवाल खड़े किए, लेकिन चुनाव आयोग के पास उनका कोई जवाब नहीं था। उन्होंने आरोप लगाया कि बंगाल में मतदाताओं को उनके अधिकार से वंचित किया गया और बड़ी संख्या में केंद्रीय सुरक्षा बलों की तैनाती के साथ समानांतर प्रशासनिक व्यवस्था खड़ी की गई।
'फॉर्म-7 के जरिए वोट काटने की हुई कोशिश'
सपा प्रमुख ने उत्तर प्रदेश में भी मतदाता सूची से नाम हटाने की कोशिशों का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि फॉर्म-7 के जरिए वोट काटने की साजिश रची गई थी, लेकिन समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने कथित गड़बड़ियों को पकड़कर रोक दिया। अखिलेश के मुताबिक, सपा कार्यकर्ताओं की सक्रियता के कारण उत्तर प्रदेश में फॉर्म-7 के जरिए नाम कटवाने की प्रक्रिया पर रोक लगी।
1.27 करोड़ हिंदू वोट कटने के दावे पर CM योगी को घेरा
अखिलेश यादव ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के उस दावे पर भी सवाल उठाए, जिसमें 1.27 करोड़ हिंदू मतदाताओं के नाम कटने की बात कही गई थी। उन्होंने पूछा कि मुख्यमंत्री को कैसे पता चला कि इतने हिंदू मतदाताओं के नाम सूची से हटाए गए हैं? सपा अध्यक्ष ने सवाल उठाया कि क्या चुनाव आयोग ने मतदाता सूची की पूरी जानकारी मुख्यमंत्री या उनके कार्यालय को उपलब्ध कराई है?
उन्होंने भाजपा पर घुसपैठियों के मुद्दे के जरिए लोगों के बीच संदेह पैदा करने और उनके मतदान के अधिकार पर सवाल खड़े करने का भी आरोप लगाया।
हर विधानसभा क्षेत्र में 31 हजार वोट कम होने का दावा
अखिलेश यादव ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के उत्तर प्रदेश दौरे का जिक्र करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री ने भाजपा कार्यकर्ताओं से मतदाता सूची में दो करोड़ नए नाम जुड़वाने की अपील की थी। उन्होंने दावा किया कि यदि भाजपा के बताए आंकड़ों को आधार माना जाए तो प्रदेश की प्रत्येक विधानसभा सीट पर औसतन करीब 31 हजार वोट कम हुए हैं।
उन्होंने कहा कि सपा ने पहले ही करीब 27 हजार जोड़े गए वोटों और भाजपा के पक्ष में कथित फर्जी वोटों की जांच कर उन्हें हटाने की मांग की थी। अखिलेश ने दावा किया कि भाजपा के आंकड़ों के हिसाब से पार्टी मतदान से पहले ही चुनाव हार चुकी है।
26 नवंबर को जारी होगा सपा का 'जन-मन घोषणापत्र'
उत्तर प्रदेश की 403 विधानसभा सीटों पर वर्ष 2027 में चुनाव होने हैं। चुनाव से पहले समाजवादी पार्टी ने अपना चुनावी एजेंडा सामने लाने की तैयारी शुरू कर दी है। पार्टी ने घोषणा की है कि वह 26 नवंबर को संविधान दिवस के अवसर पर अपना 'जन-मन घोषणापत्र' जारी करेगी। ऐसे में SIR और मतदाता सूची का मुद्दा आने वाले दिनों में प्रदेश की राजनीति में और गरमा सकता है।