Delhi: सोमवार को कांग्रेस ने राष्ट्रीय राजधानी में 10 राजाजी मार्ग स्थित पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के आवास पर मणिपुर के पार्टी नेतृत्व के साथ एक बैठक की। इस बैठक में खड़गे, लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी, कांग्रेस महासचिव (संगठन) के.सी. वेणुगोपाल और पार्टी के मणिपुर अध्यक्ष सहित कई नेता मौजूद थे।
रैली में पहाड़ी और घाटी समुदायों के लोगों ने लिया हिस्सा
यह घटनाक्रम तब सामने आया है जब इंफाल में 'कोऑर्डिनेटिंग कमिटी ऑन मणिपुर इंटीग्रिटी' (COCOMI) द्वारा आयोजित एक रैली में पहाड़ी और घाटी, दोनों क्षेत्रों के विभिन्न समुदायों के बड़ी संख्या में लोगों ने हिस्सा लिया। इस रैली में 'सस्पेंशन ऑफ ऑपरेशंस' (SoO) समझौते को रद्द करने और अपने घरों से विस्थापित हुए लोगों (IDPs) की सुरक्षित वापसी की मांग की गई।
विभिन्न समुदायों ने इंफाल की सड़कों मार्च किया
रैली में विभिन्न समुदायों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया, जिन्होंने इंफाल की सड़कों पर एक साथ मार्च किया और अपनी मांगों को लेकर नारे लगाए। प्रदर्शनकारियों ने SoO समझौते को रद्द करने की मांग की और अधिकारियों से विस्थापित लोगों की उनके घरों में सुरक्षित वापसी सुनिश्चित करने का आग्रह किया। पहाड़ी और घाटी, दोनों क्षेत्रों के लोगों की भागीदारी से यह स्पष्ट हुआ कि COCOMI द्वारा आयोजित इस रैली में अलग-अलग समुदायों के प्रतिनिधि शामिल थे।
पुनर्वास तथा सुरक्षा को लेकर मांग
यह प्रदर्शन मुख्य रूप से SoO समझौते और अपने घरों से विस्थापित हुए लोगों के पुनर्वास तथा उनकी सुरक्षित वापसी की मांगों पर केंद्रित था। इससे पहले, 'इंडिया' (INDIA) गठबंधन ने दिल्ली के रामलीला मैदान में एक बड़ी रैली आयोजित की थी। यह रैली मतदाता सूची में कथित अनियमितताओं और 'स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन' (SIR) प्रक्रिया के खिलाफ थी। इसमें विपक्ष के कई बड़े नेता शामिल हुए, जिनमें लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव शामिल थे। यह मार्च मिंटो रोड-कनॉट प्लेस जंक्शन से रामलीला मैदान की ओर शुरू हुआ, जहाँ हजारों समर्थक इकट्ठा हुए।
ज्ञानेंद्र कुमार पर वोट चोरी के आरोप!
राहुल गांधी ने मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेंद्र कुमार पर कथित तौर पर वोट चोरी में मदद करने का आरोप लगाया और कहा कि उन्हें उनके पद से हटाकर जेल भेजा जाएगा। रैली को संबोधित करते हुए राहुल गांधी ने कहा कि यह विरोध प्रदर्शन देश की आवाज़ है और इसका किसी विशेष राजनीतिक दल या नेता से कोई लेना-देना नहीं है। उन्होंने CEC पर देश की आवाज़ को दबाने की कोशिश करने का आरोप लगाया और कहा कि विपक्ष संविधान की रक्षा के लिए शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीकों से अपनी लड़ाई जारी रखेगा।
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