Jharkhand High Court: झारखंड हाईकोर्ट ने आज यानी सोमवार को JPSC, JSSC CGL, CDPO और खाद्य सुरक्षा पदाधिकारी नियुक्ती मामले में सुनवाई की। कोर्ट ने नियुक्तियां रद्द करने पर राज्य सरकार के फैसले पर कड़ी फटकार लगाई है। कोर्ट ने सरकार और CID को 48 घंटे के अंदर सीलबंद लिफाफे में जांच रिपोर्ट और हलफनामा दाखिल करने का आदेश दिया है।
अगली सुनवाई 18 सितंबर
मामले में जस्टिस दीपक रोशन की बैंच ने अगली सुनवाई 18 सितंबर 2026 को सुबह 10:30 बजे तय की है। तब तक पूर्व में नियुक्त किए अभ्यर्थियों की नौकरी पर लगी अंतरिम रोक को बरकरार रखने का आदेश दिया है। JPSC-JSSC परीक्षा मामले की सुनवाई के बाद पूर्व महाधिवक्ता और वरीय अधिवक्ता राजीव रंजन की प्रतिक्रिया भी सामने आई है। उन्होंने कहा कि, कोर्ट ने मामले को लेकर नाराजगी जाहिर की है। अगली सुनवाई पर ही महत्वपूर्ण बातें सामने आएंगी।
सरकार ने मांगा 4 सप्ताह का समय
मंगलवार को सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की तरफ से वरिष्ठ अधिवक्ता मीनाक्षी अरोड़ा ने अपना पक्ष रखत हुए कहा कि, सरकार ने कोर्ट से 4 सप्ताह का समय मांगा था। जिससे वह विस्तृत जवाब दाखिल कर सके। हालांकि, हाईकोर्ट ने संबा समय देने से साफ मना कर दिया है। इसके लिए महज 2 दिन का समय दिया गया है।
अंतरिम आदेश जारी
हाईकोर्ट ने साफ कर दिया है कि, मामले में पहले से पारित अंतरिम आदेश ही माना जाएगा। ऐसे में अब JPSC और JSSC CGL समेत चारों भर्ती परीक्षाओं का विज्ञापन रद्द करने के फैसले पर अंतिम निर्णय अगली सुनवाई के बाद ही होगा।
हाईकोर्ट के आदेश पर टिकी है नजरें
अब इस मामले पर राज्यभर के हजारों अभ्यर्थियों की नजरें टिकी हुई हैं। JPSC संयुक्त सिविल सेवा परीक्षा, JSSC CGL-2023, CDPO और फूड सेफ्टी ऑफिसर भर्ती परीक्षाओं के विज्ञापन रद्द करने के बाद अभ्यर्थी लंबे समय से कोर्ट के फैसले का इंतजार कर रहे थे।
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