दिल्ली: दिल्ली-NCR से हरियाणा के अलग-अलग शहरों तक रोजाना सफर करने वाले लोगों के लिए बड़ी खबर सामने आई है।जहा दिल्ली को हरियाणा के कई शहरों से तेज रेल कनेक्टिविटी के जरिए जोड़ने की दिशा में काम आगे बढ़ रहा है तो वही प्रस्तावित Namo Bharat कॉरिडोर के जरिए दिल्ली से बावल और करनाल जैसे कई शहरों तक पहुंचने में लगने वाला समय कम करने का भी लक्ष्य बनाया जा रहा है। जानकारी के मुताबिक दिल्ली से बावल करीब 67 मिनट और करनाल करीब 90 मिनट में पहुंचने का लक्ष्य रखा गया है। इससे दिल्ली और हरियाणा के बीच रोजाना आने-जाने वाले यात्रियों के साथ-साथ कारोबार और औद्योगिक गतिविधियों को भी फायदा मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
NCRTC की आधिकारिक जानकारी के मुताबिक दिल्ली-गुरुग्राम-SNB-अलवर और दिल्ली-पानीपत-करनाल Namo Bharat कॉरिडोर प्रस्तावित नेटवर्क का हिस्सा हैं। आधिकारिक परियोजना विवरण में बावल, मानेसर और नीमराना जैसे औद्योगिक क्षेत्रों को दिल्ली से जोड़ने की बात कही गई है। वहीं दिल्ली-पानीपत-करनाल कॉरिडोर में सोनीपत, गन्नौर, समालखा, पानीपत और करनाल जैसे प्रमुख शहर शामिल हैं।
दिल्ली से बावल सिर्फ 67 मिनट में
बावल हरियाणा के रेवाड़ी जिले का प्रमुख औद्योगिक क्षेत्र है। दिल्ली-गुरुग्राम-SNB-अलवर Namo Bharat कॉरिडोर के जरिए दिल्ली को हरियाणा और राजस्थान के कई महत्वपूर्ण इलाकों से जोड़ने की योजना है। NCRTC के अनुसार इस कॉरिडोर से मानेसर, बावल और नीमराना जैसे औद्योगिक क्षेत्रों को बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी।
वही जानकारी के मुताबिक दिल्ली से बावल की यात्रा को करीब 67 मिनट तक लाने का लक्ष्य है। अगर यह लक्ष्य हासिल होता है तो दिल्ली और बावल के बीच रोजाना नौकरी या कारोबार के लिए सफर करने वाले लोगों का समय काफी बच सकता है।
करनाल भी होगा दिल्ली के करीब
दूसरा महत्वपूर्ण रूट दिल्ली-पानीपत-करनाल Namo Bharat कॉरिडोर है। NCRTC की आधिकारिक जानकारी में इस कॉरिडोर के तहत दिल्ली से हरियाणा के प्रमुख शहरों को जोड़ने की योजना बताई गई है। इस रूट में सोनीपत, गन्नौर, समालखा, पानीपत और करनाल जैसे प्रमुख शहर शामिल हैं।
वही रिपोर्ट के मुताबिक दिल्ली से करनाल का सफर करीब 90 मिनट में पूरा करने का लक्ष्य है। इससे दिल्ली और करनाल के बीच रोजाना आने-जाने वाले यात्रियों को बड़ा फायदा मिल सकता है।
रास्ते में पड़ेंगे ये बड़े स्टेशन
करनाल कॉरिडोर में सोनीपत, गन्नौर, समालखा, पानीपत और करनाल प्रमुख शहरों के तौर पर सामने आते हैं। वहीं दिल्ली-गुरुग्राम-SNB-अलवर कॉरिडोर दिल्ली से शुरू होकर गुरुग्राम, मानेसर, बावल और आगे राजस्थान के इलाकों तक कनेक्टिविटी देने की योजना है।
दिल्ली-NCR की कनेक्टिविटी को मिलेगा फायदा
अगर ये कॉरिडोर योजना के मुताबिक आगे बढ़ते हैं तो दिल्ली और हरियाणा के बीच क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को बड़ा फायदा मिल सकता है। खासकर सोनीपत, पानीपत, करनाल, गुरुग्राम, मानेसर और बावल जैसे शहरों में रहने या काम करने वाले लोगों के लिए तेज परिवहन विकल्प उपलब्ध होगा। कम यात्रा समय का असर रोजगार और कारोबार पर भी पड़ सकता है। लोग दिल्ली में काम करते हुए आसपास के शहरों में रहना या इसके उलट रोजाना सफर करना आसान समझ सकते हैं। औद्योगिक क्षेत्रों को भी बेहतर कनेक्टिविटी मिलने से निवेश और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
फिलहाल 67 मिनट और 90 मिनट की टाइमिंग को लक्ष्य के तौर पर देखना चाहिए। वहीं रूट और प्रमुख शहरों की कनेक्टिविटी को NCRTC की आधिकारिक परियोजना जानकारी से पुष्टि मिलती है। परियोजना की अंतिम मंजूरी और विस्तृत कार्यान्वयन के बाद ही यात्रा समय और स्टेशनों की अंतिम तस्वीर पूरी तरह साफ होगी।
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