hyderabad News: हैदराबाद पुलिस द्वारा हुसैन सागर झील के आस-पास देर रात बर्थडे मनाने और केक काटने पर पुलिस ने पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया है। अब आप यह सोचेंगे आखिर इसके पीछे की वजह क्या है? तो आपको बता दें कि पुलिस के इस फरमान जारी करने के पीछे बहुत बड़ी वजह हैं। इसके साथ ही मौके पर सेलिब्रेशन से होने वाली गंदगी जो ग्रेटर हैदराबाद नगर निगर के अधिकारियों के लिए सिर का दर्द बन चुकी है। पुलिस प्रशासन द्वारा हादसों के मामलों को गंभीरता से लेते हुए मौके पर एक साइन बोर्ड लगाकर सख्त चेतावनी भी जारी की गई है। तो चलिए बताते हैं आपको इस फरमान के पीछे की क्या है असली वजह?

एक परिवार को मनमानी पड़ी भारी

बीते कई दिनों में पुलिस के सामने टैंक बंड, प्रमुख सड़कों के साथ-साथ झीलों और पार्कों में देर रात जन्मदिन का जश्न और केक काटने से जुड़ी शिकायतें सामने आ रही थी। पुलिस ने इसे गंभीरता से लेते हुए लोगों को चेतावनी दी थी। लेकिन इसके बाद भी लोग अपनी हरकतों से बाज नहीं आए। इसी का खामियाजा एक परिवार को भुगतना पड़ा।

मनमानी के कारण परिवार ने अपनी 6 साल की बच्ची समेत 2 लोगों को सड़क हादसे में खो दिया। जिसके बाद पुलिस ने इसे हादसों का इलाका घोषित कर दिया। हैदराबाद पुलिस कमिश्नर वीसी सज्जनार और ग्रेटर हैदराबाद नगर निगम के अधिकारियों ने नेकलेस रोड पर जन्मदिन मनाने वाले लोगों के लिए सख्त निर्देश जारी किए हैं।

पुलिस ने हादसों का क्षेत्र किया घोषित

पुलिस ने हुसैनसागर झील के पास इसे लेकर एक साइन बोर्ड भी लगाया है। GHMC अधिकारियों ने नेकलेस रोड के ग्रेनाइट सीटिंग एरिया के पास लगी ग्रिल पर चेतावनी और रोक का साइन बोर्ड लगाया है। बीते कई दिनों से पुलिस को शिकायत मिल रही थी कि हुसैनसागर झील के पास जन्मदिन की पार्टी मनाते समय अक्सर शोर-शराबा और गंदगी होती थी। केक से गंदगी फैलने के साथ-साथ कुछ लोग वहां शराब पीते थे और पटाखे फोड़ते थे। ऐसे में अब यह इलाका CCTV की निगरानी में रहेगा।

अधिकारियों ने चेतावनी जारी कर नियम तोड़ने वाले और गंदगी फैलाने वालों पर जुर्माना लगाने की बात भी कही है। पुलिस कमिश्नर ने इन हादसों को गंभीरता से लिया। उन्होंने जनता से हाल ही में भावुक अपील करते हुए नागरिकों से झील के आस-पास उत्सव न मनाने का आग्रह किया। पुलिस द्वारा जारी आदेश के बाद लोगों ने सोशल मीडिया पर विरोध प्रदर्शन भी किया।

पुलिस ने लापरवाही को गंभीरता से लिया

शुक्रवार को हैदराबाद पुलिस ने झील के आस-पास के इलाके नेकलेस रोड और टैंक बंड पर जन्मदिन समारोह पर प्रतिबंध लगा दिया। झील के आस-पास केक काटकर जन्मदिन मनाने से रोके जाने का नागरिकों ने सोशल मीडिया पर विरोध प्रदर्शन किया। पुलिस ने त्रासदी को देखते हुए केक काटने या जन्मदिन मनाने के दौरान की गई जल्दबाजी और लापरवाही को गंभीरता से लिया है।

हुसैन सागर झील है यहां का प्रमुख स्थान

तेलंगाना की राजधानी में चारमीनार के बाद हुसैन सागर झील लोगों का ध्यान सबसे ज्यादा अपनी तरफ खींचती है। पिछले कुछ सालों में यहां सोशल मीडिया पर फेमस होने के लिए लोग रील्स बनाते हैं। 16वीं शताब्दी की इस झील का विशेष महत्व है।

कॉलेज के छात्रों से लेकर परिवारों और युवा जोड़े यहां टाइम पास करते हैं। इसके साथ ही हैदराबाद के लिए आधी रात को जन्मदिन का केक काटने के लिए जगमगाते पानी के किनारे जाने का पसंदीदा स्थान भी बन चुका है।

खतरनाक स्टंटबाजी का बना अड्डा

पुलिस ने इससे पहले भी बेतरतीब ढंग से खड़ी गाड़ियों के कारण आवागमन में बाधा उत्पन्न होने, गाड़ियों के तेज गति से गुजरने के दौरान हाथों में केक लिए सड़क पर पोज देते किशोरों और रील बनाने के लिए यह खतरनाक स्टंटबाजी का अड्डा घोषित कर दिया था। अधिकारियों ने कहा कि कई बार समारोहों में नशे में धुत और शोर मचाते युवा शामिल होते हैं, जिससे खतरनाक माहौल बन जाता है।


पुलिस कमिश्नर ने मासूम की मौत का किया जिक्र

4 अक्टूबर को 6 साल की मासूम बच्ची का परिवार और कुछ रिश्तेदार आधी रात बच्ची का जन्मदिन मनाने के लिए झील पर पहुंचे थे। मौके पर अन्य कई लोग भी जन्मदिन का जश्न मना रहे थे। केक काटाकर तस्वीरें खींच रहे थे। सड़क पर गाड़ियां अस्त-व्यस्त तरीके से खड़ी थीं। जश्न के दौरान बच्ची और उसके चाचा सड़क पार करते समय यातायात की ओर ध्यान नहीं दे पाए और ट्रक की चपेट में आने से उनकी मौत हो गई।

इस हादसे ने एक ही परिवार के 2 लोगों को पल भर में छीन लिया। लेकिन इसके बाद शुक्रवार को झील उस समय सुर्खियों में छा गई। जब एक ऑटो रिक्शा चालक ने 6 वर्षीय बच्ची को बचाने के लिए पानी में छलांग लगा दी। बता दें कि बच्ची की मां ने कथित तौर पर उसे पानी में फेंका था। मामले में पुलिस ने बताया कि 2 बच्चियों की मां अकेली थी जो आर्थिक तंगी से जूझ रही थी। उसने अपनी बेटियों की जान लेने का फैसला किया था।

लापरवाही और जोखिम उठाना परिवार के लिए किसी त्रासदी से कम नहीं

पुलिस कमिश्नर ने इन हादसों को गंभीरता से लिया है। क्योंकि बीते दिनों में जन्मदिन समारोह के दौरान कई हादसे इसी क्षेत्र में देखे गए। कभी-कभी लापरवाही और जोखिम उठाना परिवार के लिए किसी त्रासदी से कम नहीं है। पुलिस के मौजूदा नियमों के हिसाब से हुसैन सागर झील पर जन्मदिन समारोह मनाने पर अब पूरी तरह से रोका है।

पुलिस ने लोगों से अनुरोध किया है कि वह इसके बजाय घर पर या सुरक्षित स्थानों पर जाकर जश्न मनाएं। मौज मस्ती के एक पल के लिए कीमत जिंदगी को खतरे में न डालने से कही ज्यादा है। हैदराबाद शहर पुलिस ने लोगों से मदद करने और सुरक्षा नियमों का पालन करने की अपील भी की है।

इलाकों को सुंदर बनाने और झील के प्रदूषण को रोकने में बड़ा कदम

बीते कुछ दिनों में झील पर तैनात पुलिस ने लोगों को झील पर आत्महत्या करने से रोका है। समृद्ध इतिहास जो उपेक्षा का शिकार हो गया। इब्राहिम कुली कुतुब शाह के शासनकाल के दौरान हजरत हुसैन शाह वली द्वारा 1562 में निर्मित यह झील वर्षों से उपेक्षा का शिकार रही है। जिसके एक हिस्से में औद्योगिक अपशिष्ट और सीवेज का पानी डाला जाता रहा है।

हुसैन सागर और उसके आसपास के इलाकों को सुंदर बनाने और झील के प्रदूषण को रोकने के लिए लगातार राज्य सरकारों ने हुसैन सागर और जलग्रहण क्षेत्र सुधार परियोजना में लगभग 500 करोड़ रुपये का निवेश किया, जिसके बाद झील बड़ी संख्या में पर्यटकों को आकर्षित करने लगी। हर साल त्योहार के बाद भगवान गणेश की मूर्तियों के विसर्जन को लेकर यह झील विवाद का विषय बन जाती है, और अधिकारियों को धार्मिक भावनाओं को ठेस न पहुंचाने के साथ-साथ पारिस्थितिकी और इतिहास के संरक्षण संबंधी चिंताओं के बीच संतुलन बनाए रखना पड़ता है।

 

यह भी पढ़ें: Breaking news: हिट एंड रन या हादसा? दिल्ली पुलिस के कांस्टेबल की एक्सीडेंट में हुई मौत, जंतर-मंतर पर लगी थी नाइट शिफ्ट