उत्तर प्रदेश: उत्तर प्रदेश के बागपत जिले से एक बेहद ही दिलचस्प मामला सामने आया है। जहां 59 साल 8 महीने की उम्र में एक व्यक्ति ने सरकारी नौकरी पाने का अपना सपना पूरा किया है। इस के लिए यह करीब 27 सालों तक लगातार कोशिश करता रहा। इस दौरान वह कई बार असफल भी हुआ, लेकिन इन्होंने अपनी जिद नहीं छोड़ी और आखिरकार सरकारी टीचर बनकर अपने सुनहरे सपनों को अंजाम दिया।

27 वर्षों से लगातार कर रहे थे सरकारी नौकरी की तैयारी

दरअसल, उत्तर प्रदेश के बागपत जिले के बड़ौत इलाके के बड़ावद गांव के निवासी विजय कुमार शर्मा ने सरकारी नौकरी पाकर यह सफलता हासिल की है। वर्ष 1999 से लेकर अब तक लगातार की गई कोशिशों ने उन्हें इस मुकाम तक पहुंचाया है। इस संदर्भ में विजय कुमार शर्मा का कहना है कि उनके लिए ये सब इतना आसान नहीं था। उन्हें यह सफलता उनकी कई वर्षों के मेहनत के बाद मिली है। क्योंकि वह सरकारी नौकरी के लिए पिछले 27 वर्षों से लगातार तैयारी कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने कई प्रतियोगी परीक्षाएं भी दी, लेकिन सफलता हाथ नहीं लगी। हालांकि उन्होंने कभी हार नहीं मानी और मेहनत जारी रखी अंतत: इसका फल प्राप्त हुआ।

संघर्ष के दिनों में बतौर शिक्षक निजी स्कूलों में पढ़ाया

विजय कुमार शर्मा ने बताया कि सरकारी नौकरी की तैयारी वे तकरीबन 27 सालों से कर रहे हैं। इसी दौरान उन्होंने निजी स्कूलों विवेकानंद विद्यापीठ और दून पब्लिक स्कूल में हिंदी एवं संस्कृत के शिक्षक के रूप में भी काम किया और इसके साथ ही प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी भी जारी रखी।

22 सितंबर को UP के सीएम योगी ने सौंपा नियुक्ति-पत्र

दरअसल, इतने दिनों के लम्बे इंतजार के बाद भी विजय कुमार शर्मा की नौकरी न मिलने की एक बड़ी वजह भर्ती प्रक्रिया में होने वाला इंटरव्यू था। वह कई बार लिखित परीक्षा में तो सफल हो जाते, लेकिन अंतिम में इंटरव्यू के बाद उनका चयन नहीं हो पाता था। लेकिन इस बार भर्ती प्रक्रिया में इंटरव्यू शामिल नहीं था, जिससे उनकी वर्षों की मेहनत आखिरकार रंग लाई और उनका चयन हो गया। 22 सितंबर को लखनऊ के इंदिया गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विजय कुमार शर्मा को नियुक्ति-पत्र सौंपा। उन्हें शामली जिले के एलम गांव में मौजूद इंटर कॉलेज में टीजीटी संस्कृत टीचर के रूप में नियुक्ति मिली है।

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