उत्तर प्रदेश: उत्तर प्रदेश की राजनीति में 2027 विधानसभा चुनाव की तैयारियों के बीच मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के दिल्ली दौरे पर राजनीतिक नजरें टिक गई हैं। सामने आई जानकारी के मुताबिक, दिल्ली में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात का कार्यक्रम है। इसके साथ ही बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन और गृह मंत्री अमित शाह के साथ बैठकें भी एजेंडे में बताई जा रही हैं।
हालांकि, इन बैठकों में किन मुद्दों पर चर्चा होगी, इसका आधिकारिक एजेंडा सामने नहीं आया है। ऐसे में किसी एक मुद्दे को बैठक का तय एजेंडा मानना जल्दबाजी होगी। लेकिन यूपी में बीजेपी की हालिया संगठनात्मक सक्रियता को देखते हुए इन मुलाकातों का राजनीतिक महत्व जरूर बढ़ गया है।
2027 की तैयारी पर फोकस
बीजेपी ने यूपी में 2027 विधानसभा चुनाव को लेकर जमीनी स्तर पर संगठन को सक्रिय करना शुरू कर दिया है। 21 सितंबर को बीजेपी अध्यक्ष नितिन नबीन और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मेरठ में पार्टी की जमीनी तैयारियों से जुड़े कार्यक्रमों में हिस्सा लिया था। इसके बाद नबीन ने सहारनपुर में पार्टी के पदाधिकारियों और नेताओं के साथ संवाद किया। इन कार्यक्रमों में बूथ से लेकर जिला स्तर तक संगठन की तैयारियों और जमीनी फीडबैक पर जोर दिया गया।
इससे पहले 8 अगस्त को भी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की थी। प्रधानमंत्री कार्यालय ने इस मुलाकात की आधिकारिक पुष्टि की थी।
अमित शाह से भी लगातार संपर्क
योगी और अमित शाह की हालिया मुलाकात भी यूपी की राजनीतिक गतिविधियों के बीच हुई है। 25 सितंबर को ग्रेटर नोएडा में उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो के उद्घाटन कार्यक्रम में अमित शाह और योगी आदित्यनाथ एक साथ मौजूद थे। PIB के मुताबिक, इस कार्यक्रम में यूपी के निवेश, औद्योगिक विकास और राज्य की आर्थिक प्रगति से जुड़े मुद्दों पर चर्चा हुई।
ऐसे में अब दिल्ली में संभावित बैठकों को यूपी बीजेपी की आगे की रणनीति के संदर्भ में देखा जा रहा है। एक तरफ सरकार के कामकाज और विकास के मुद्दे हैं, तो दूसरी तरफ संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करने और 2027 के लिए राजनीतिक तैयारियों पर पार्टी का फोकस है।
दिल्ली की बैठकों से क्या निकलेगा?
फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है कि दिल्ली में होने वाली बैठकों में यूपी को लेकर किन मुद्दों पर चर्चा होती है। सरकार और संगठन के बीच तालमेल, चुनावी तैयारियां और जमीनी फीडबैक जैसे विषय स्वाभाविक रूप से महत्वपूर्ण हैं, लेकिन बैठक के आधिकारिक ब्योरे के सामने आने के बाद ही किसी फैसले या नई रणनीति की पुष्टि हो सकेगी।
यानी योगी का दिल्ली दौरा ऐसे वक्त हो रहा है, जब बीजेपी यूपी में 2027 के लिए संगठनात्मक तैयारियों को गति दे रही है। अब नजर इस बात पर रहेगी कि शीर्ष नेतृत्व के साथ मुख्यमंत्री की बैठकों के बाद यूपी की राजनीति और बीजेपी के संगठन में आगे क्या कदम दिखाई देते हैं।
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