Gurugram Metro Project: ओल्ड गुरुग्राम मेट्रो परियोजना के तहत यात्रियों की आवाजाही को सुगम बनाने के लिए बड़े स्तर पर तैयारी शुरू की गई है। 29 किलोमीटर लंबे प्रस्तावित मेट्रो कॉरिडोर के तीन प्रमुख स्टेशनों सेक्टर-45, यूनिटैक साइबर पार्क (सेक्टर-39) और सेक्टर-72ए को मल्टीमॉडल ट्रांजिट हब के रूप में विकसित किया जाएगा। बता दें कि सोमवार को जीएमडीए (GMDA) के अतिरिक्त सीईओ विश्वजीत चौधरी की अध्यक्षता में हुई बैठक में गुरुग्राम मेट्रो रेल लिमिटेड (GMRL) ने इस योजना की प्रस्तुति दी।

योजना की मुख्य विशेषताएं
तीनों मेट्रो स्टेशनों पर बस बे, ऑटो और टैक्सी के लिए अलग से पिक-एंड-ड्रॉप प्वाइंट बनाए जाएंगे। साथ ही पैदल यात्रियों के लिए फुटपाथ दुरुस्त किए जाएंगे।
स्काईवॉक से सीधे पहुंच: सेक्टर-39 स्थित यूनिटैक साइबर पार्क और आसपास के बड़े आईटी/व्यावसायिक परिसरों को सीधे स्काईवॉक के जरिए मेट्रो स्टेशन से जोड़ा जाएगा। इससे हजारों कर्मचारी बिना सड़क पर आए सीधे दफ्तर पहुंच सकेंगे।

इंडस्ट्रियल हब को राहत
सेक्टर-72ए स्टेशन के जरिए सेक्टर-33 और 34 स्थित गुड़गांव टेक्नोलॉजी पार्क (GTPL) और सरकारी दफ्तरों को बेहतर कनेक्टिविटी दी जाएगी। निर्माण कार्य को सुचारू बनाने के लिए क्षेत्र में मौजूद पानी, सीवर lines, बरसाती नालों और बिजली के तारों को जरूरत के अनुसार स्थानांतरित किया जाएगा। गुरुग्राम नगर निगम के वरिष्ठ नगर योजनाकार राजेश कौशिक ने सुझाव दिया कि व्यावसायिक इमारतों को जोड़ने के साथ-साथ आसपास के सेक्टरों की ओर भी मेट्रो के प्रवेश और निकासी द्वार बनाए जाएं।

जीएमआरएल की इस प्रस्तुति को जल्द ही एचएसवीपी, जीएमडीए, एमसीजी और नगर नियोजन विभाग को भेजा जाएगा, जिनसे सुझाव और आपत्तियां मिलने के बाद अंतिम डीपीआर/योजना तैयार की जाएगी। इस पहल से शहर में ट्रैफिक का दबाव घटेगा और दैनिक यात्रियों का सफर आसान होगा। 

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