नई दिल्ली : कांग्रेस सांसद जयराम रमेश ने मंगलवार को वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में भारत की 7.8 प्रतिशत GDP वृद्धि को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि मोदी सरकार GDP के आंकड़ों में बदलाव कर भारत की “खराब आर्थिक हकीकत” को छिपाने की कोशिश कर रही है।
सोशल मीडिया मंच X पर एक पोस्ट में रमेश ने नॉमिनल GDP और रियल GDP के बीच अंतर पर सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि दोनों के बीच का अंतर महंगाई को प्रतिबिंबित करता है, लेकिन सरकार के मुताबिक इस तिमाही में यह अंतर केवल 2.3 प्रतिशत है, जबकि थोक मूल्य सूचकांक (WPI) महंगाई 9 प्रतिशत से अधिक रही है। रमेश ने कहा, “यह एक स्पष्ट विसंगति है।”
GDP गणना की पद्धति में बदलाव का आरोप
कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार ने GDP की गणना की पद्धति में इस साल दो बार बदलाव किया है। उनके मुताबिक, जून में GDP के ताजा अनुमान जारी होने से ठीक पहले सरकार ने गणना के लिए WPI के इस्तेमाल से दूरी बना ली।
रमेश ने दावा किया कि अगर सरकार “ईमानदार आंकड़े” उपलब्ध कराए, तो वास्तविक आर्थिक वृद्धि का आंकड़ा मौजूदा 7.8 प्रतिशत से काफी कम होगा। उन्होंने कहा कि इस तरह की आपत्ति पहले भी कई लोगों ने उठाई है, जिनमें मोदी सरकार के पूर्व मुख्य आर्थिक सलाहकार भी शामिल हैं।
‘मेक इन इंडिया’ पहल पर तंज कसते हुए रमेश ने कहा कि इस योजना ने बहुत कम उपलब्धियां हासिल की हैं, लेकिन मोदी सरकार की “सिग्नेचर मेक इन इंडिया स्कीम” लगातार जारी है।
एक दिन पहले पीएम मोदी ने GDP वृद्धि की सराहना की थी
जयराम रमेश की यह टिप्पणी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा भारत की 7.8 प्रतिशत वास्तविक GDP वृद्धि की सराहना किए जाने के एक दिन बाद आई है।
प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट किए गए एक वीडियो संदेश में कहा था कि भारत ने वैश्विक चुनौतियों के बावजूद अपनी आर्थिक वृद्धि की गति बनाए रखी है। उन्होंने संघर्षों, संकटों और आपूर्ति श्रृंखला में व्यवधान जैसी वैश्विक चुनौतियों का भी उल्लेख किया।
पीएम मोदी ने कहा था, “7.8 प्रतिशत की वृद्धि दर से देश खुशी से भर गया है। मैं देशवासियों को उनके संकल्प और मेहनत के लिए बधाई देता हूं। यह हमारी सामूहिक शक्ति को दर्शाता है।”
प्रधानमंत्री ने विपक्ष पर “निराशा फैलाने” और “झूठ को दोहराने” का आरोप लगाते हुए विकास की गति बनाए रखने की अपील की। उन्होंने आत्मनिर्भर भारत के निर्माण और ‘स्वदेशी, वोकल फॉर लोकल’ के तहत घरेलू उत्पादों और स्थानीय खपत को बढ़ावा देने पर भी जोर दिया।
पहली तिमाही में 7.8 प्रतिशत रही वास्तविक GDP वृद्धि
सांख्यिकी एवं कार्यक्रम क्रियान्वयन मंत्रालय (MoSPI) द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, वित्त वर्ष 2026-27 की अप्रैल-जून तिमाही में भारत की वास्तविक GDP में 7.8 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई।
पहली तिमाही में वास्तविक GDP का अनुमान 81.36 लाख करोड़ रुपये रहा, जबकि वित्त वर्ष 2025-26 की समान तिमाही में यह 75.46 लाख करोड़ रुपये था।
यह वृद्धि भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के पहले लगाए गए 7 प्रतिशत के अनुमान से भी अधिक रही।
वर्तमान कीमतों पर मापी गई नॉमिनल GDP पहली तिमाही में 88.27 लाख करोड़ रुपये आंकी गई, जो पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि के 80 लाख करोड़ रुपये की तुलना में 10.3 प्रतिशत की वृद्धि है।
वहीं, वास्तविक सकल मूल्य वर्धन (GVA) 73.82 लाख करोड़ रुपये रहा, जबकि पिछले वर्ष की समान तिमाही में यह 68.21 लाख करोड़ रुपये था। इसमें 8.2 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई।
पहली तिमाही के GDP अनुमान में आगे संशोधन हो सकता है
MoSPI ने कहा है कि पहली तिमाही के GDP अनुमान में आगे संशोधन हो सकता है। बेहतर डेटा कवरेज और विभिन्न स्रोत एजेंसियों से प्राप्त इनपुट आंकड़ों में संशोधन के कारण आगामी अनुमानों में बदलाव संभव है।
वित्त वर्ष 2026-27 की जुलाई-सितंबर तिमाही के GDP आंकड़े 30 नवंबर 2026 को जारी किए जाने हैं।
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