Delhi Solar Policy 2026: दिल्ली की भाजपा सरकार ने मुफ्त बिजली के बाद अब सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की अगुआई वाली सरकार ने दिल्ली सोलर पॉलिसी में संशोधन को मंजूरी देते हुए 2.30 लाख परिवारों की छतों पर मुफ्त सोलर पैनल लगाने का ऐलान किया है। नई नीति के तहत महीने में 400 यूनिट तक बिजली की खपत करने वाले परिवारों को 3 किलोवाट का रूफटॉप सोलर सिस्टम पूरी तरह मुफ्त लगाया जाएगा। इसके लिए उपभोक्ताओं को अपनी जेब से कोई राशि खर्च नहीं करनी होगी।
2.30 लाख छतों पर मुफ्त लगेगा सोलर सिस्टम
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने दिल्ली सौर ऊर्जा नीति के नए संस्करण की घोषणा करते हुए कहा कि सरकार का लक्ष्य 2.30 लाख परिवारों तक इस योजना का लाभ पहुंचाना है। योजना के तहत चयनित परिवारों की छतों पर 3 किलोवाट क्षमता का सोलर सिस्टम मुफ्त में लगाया जाएगा। इतना ही नहीं, सरकार अगले पांच साल तक इन सोलर प्लांटों के संचालन और रखरखाव की जिम्मेदारी भी संभालेगी। इससे सोलर सिस्टम की मरम्मत और मेंटेनेंस को लेकर उपभोक्ताओं को अलग से खर्च करने की जरूरत नहीं होगी।
केंद्र की सब्सिडी के साथ बाकी खर्च भी उठाएगी दिल्ली सरकार
मुख्यमंत्री के अनुसार, 3 किलोवाट के रूफटॉप सोलर सिस्टम पर केंद्र सरकार की ओर से करीब 78 हजार रुपये की सब्सिडी मिलती है। दिल्ली सरकार भी इस परियोजना के लिए अतिरिक्त राशि खर्च करेगी। पहले सोलर पैनल लगवाने के दौरान उपभोक्ताओं को शुरुआती लागत का कुछ हिस्सा खुद देना पड़ता था और बाद में सब्सिडी का लाभ मिलता था। नई व्यवस्था में सरकार लागत और सब्सिडी के बीच के अंतर को भी वहन करेगी। यानी 400 यूनिट तक मासिक बिजली खपत वाले पात्र परिवारों को सोलर सिस्टम लगाने के लिए किसी तरह का शुरुआती भुगतान नहीं करना होगा।
300 यूनिट बिजली बनेगी, 100 यूनिट बेचकर होगी कमाई
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि 3 किलोवाट के सोलर सिस्टम से औसतन करीब 300 यूनिट बिजली का उत्पादन हो सकता है। अगर कोई परिवार महीने में 200 यूनिट बिजली की खपत करता है तो उसके पास करीब 100 यूनिट अतिरिक्त बिजली बच सकती है। इस अतिरिक्त बिजली को ग्रिड में भेजने पर उपभोक्ता को आर्थिक लाभ मिलने की संभावना है। मुख्यमंत्री के मुताबिक, 100 यूनिट अतिरिक्त बिजली ग्रिड में देने पर परिवार को करीब 950 रुपये की कमाई हो सकती है।
200 यूनिट मुफ्त बिजली का लाभ भी रहेगा जारी
सरकार ने स्पष्ट किया है कि पात्र परिवारों को पहले से मिल रही बिजली सब्सिडी का लाभ भी जारी रहेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य केवल लोगों को 200 यूनिट तक मुफ्त बिजली उपलब्ध कराना नहीं है, बल्कि बिजली उपभोक्ताओं को सौर ऊर्जा के जरिए बिजली का उत्पादक बनाना भी है। नई योजना के जरिए सरकार चाहती है कि घरों की छतें सिर्फ बिजली की खपत करने वाली जगह न रहें, बल्कि वहां सोलर सिस्टम लगाकर बिजली का उत्पादन भी किया जाए।
दिल्ली में सौर ऊर्जा को मिलेगा बड़ा बढ़ावा
दिल्ली जैसे घनी आबादी वाले शहर में बड़े सोलर प्लांटों के लिए जमीन की उपलब्धता एक चुनौती है। ऐसे में सरकार का फोकस अब घरों की छतों पर रूफटॉप सोलर सिस्टम लगाने पर है। 2.30 लाख घरों तक मुफ्त सोलर पैनल पहुंचने के बाद दिल्ली में सौर ऊर्जा उत्पादन में बड़ी बढ़ोतरी की उम्मीद है। इससे एक ओर लोगों के बिजली बिल का बोझ कम होगा, वहीं दूसरी ओर अतिरिक्त बिजली बेचकर परिवारों को कमाई का अवसर भी मिल सकता है। सरकार की नई सोलर पॉलिसी के बाद अब दिल्ली में बिजली उपभोक्ताओं को केवल बिजली बचाने का ही नहीं, बल्कि अपनी छत से बिजली पैदा कर अतिरिक्त बिजली बेचकर कमाई करने का मौका भी मिलेगा।
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