नई दिल्ली: दिल्ली में वोटर लिस्ट से बाहर किए गए मतदाताओं के लिए फॉर्म-6 भरने की मांग को लेकर विवाद सामने आया है। याचिकाकर्ताओं का आरोप है कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बावजूद चुनाव आयोग (ECI) की ओर से ऐसे मतदाताओं से अब भी फॉर्म-6 भरने को कहा जा रहा है। इस मामले को याचिकाकर्ताओं ने सुप्रीम कोर्ट में तत्काल सुनवाई के लिए उठाया है।
SC के आदेश के बावजूद SIR के तहत 'फॉर्म 6' भरने का निर्देश
इस संदर्भ में अधिवक्ता प्रशांत भूषण ने बुधवार 4 नवंबर को कहा कि भारत निर्वाचन आयोग (ECI) अभी भी इस बात पर जोर दे रहा है कि दिल्ली में मतदाता सूची के 'विशेष सघन पुनरीक्षण' (SIR) के दौरान 'अनुपस्थित, स्थानांतरित, मृत या डुप्लिकेट' (ASDD) श्रेणियों के तहत हटाए गए मतदाताओं को 'फॉर्म 6' भरना होगा, जो विशेष रूप से नए मतदाताओं के लिए है।अधिवक्ता प्रशांत भूषण ने अपनी बातों रखते हुए कहा कि जब सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयोग को यह कह दिया कि मतदाता सूची में जिन लोगों के नाम पहले से जुड़े हैं, तो फिर उन लोगों के नाम हटाकर उन्हें नया फॉर्म 6 क्यों भरने को क्यों कहा गया है। फिर भी उन लोगों को 'फॉर्म 6' भरने को क्यों कहा जा रहा है।
नए 'फॉर्म 6' भरवाने पर ECI से सुप्रीम कोर्ट का सवाल
दरअसल, दिल्ली में जारी विशेष सघन पुनरीक्षण' (SIR) की प्रक्रिया के बीच सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयोग से सवाल करते हुए पूछा था कि जब मतदाता पहले से 2026 की लिस्ट में थे तो नाम हटाकर उन्हें नया फॉर्म 6 क्यों भरने को क्यों कहा गया है। इसके साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने निर्वाचन आयोग से एक ऐसी व्यवस्था बनाने को कहा जिससे दिल्ली के उन 47 लाख मतदाताओं तक पहुंचा जा सके जिनके नाम मतदाता सूची के चल रहे SIR के दौरान मसौदा मतदाता सूची से हटा दिए गए थे।