भारतीय जनता पार्टी और भारतीय जनता युवा मोर्चा (BJYM) द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 25 वर्षों के सार्वजनिक जीवन, सेवा और सुशासन के उपलक्ष्य में 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक राष्ट्रव्यापी 'सेवा संकल्प अभियान' का आयोजन किया जा रहा है। इस अभियान का सबसे प्रमुख आकर्षण 'वडनगर से वाराणसी' और 'वाराणसी से वडनगर' सेवा संकल्प बाइक यात्रा है।
'यात्रा का शुभारंभ और दिग्गज नेताओं की मौजूदगी'
17 सितंबर को सुबह 9:30 बजे यह यात्रा दोनों छोरों से एक साथ रवाना होगी:
वडनगर (गुजरात): केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल और भाजपा के वरिष्ठ नेता इस यात्रा को हरी झंडी दिखाकर रवाना करेंगे।
वाराणसी (उत्तर प्रदेश): रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और अन्य प्रमुख नेता सिगरा स्टेडियम/रुद्राक्ष कन्वेंशन सेंटर से यात्रा को फ्लैग-ऑफ करेंगे।
यात्रा का रूट, दायरा और मुख्य आंकड़े
यह यात्रा प्रधानमंत्री की जन्मभूमि (वडनगर) और कर्मभूमि (काशी) को सांस्कृतिक और सामाजिक रूप से जोड़ेगी
कुल दूरी: लगभग 40,000 किलोमीटर।
भौगोलिक विस्तार: 10 राज्य, 193 जिले, 773 तहसीलें और 1,159 गांव
सहभागिता: देश भर (तमिलनाडु, असम, बिहार, जम्मू-कश्मीर आदि) से करीब 1,000 युवा प्रतिभागी
यात्रा की अवधि: 17 सितंबर से शुरू होकर 7 अक्टूबर को संपन्न होगी।
सामाजिक जागरूकता और जनकल्याणकारी गतिविधियां
प्रतिदिन लगभग 100 किमी की दूरी तय करते हुए यात्री विभिन्न पड़ावों पर जन-सेवा के कार्य करेंगे:
पर्यावरण संरक्षण: प्रतिभागी प्रतिदिन 25 पौधे लगाने का संकल्प लेंगे और जल संरक्षण का संदेश देंगे।
जन-जागरूकता अभियान: स्वच्छता अभियान, नशा मुक्ति, टीबी-मुक्त भारत, और प्लास्टिक-मुक्त भारत पर केंद्रित कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
जनसंवाद: केंद्र सरकार की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के लाभार्थियों और महिला सशक्तिकरण पहलों से जुड़ी महिलाओं व युवाओं से संवाद स्थापित किया जाएगा।
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गुजरात सब-यात्राएं और पवित्र नदियों का जलाभिषेक
जोनल सब-यात्राएं: गुजरात में 13 सितंबर से सोमनाथ, शामलाजी, पावागढ़ और उनाई माताजी से चार सब-यात्राएं शुरू हो चुकी हैं, जो 16 सितंबर तक वडनगर पहुंचेंगी।
पवित्र जलाभिषेक: गुजरात की नदियों का पवित्र जल काशी विश्वनाथ मंदिर में जलाभिषेक के लिए ले जाया जाएगा, जबकि उत्तर प्रदेश की नदियों का जल वडनगर के ऐतिहासिक हाटकेश्वर महादेव मंदिर में अर्पण किया जाएगा।