Sanju Samson: भारतीय टीम के विकेटकीपर बल्लेबाज संजू सैमसन को लेकर भारतीय टीम के पूर्व ऑफ स्पिनर आर अश्विन ने एक बयान दिया है। उन्होंने संजू की स्थिति के मानसिक प्रभाव पर चिंता व्यक्त की है। अश्विन ने वर्ल्ड कप में शानदार प्रदर्शन और उसके बाद चयन में हुए बदलावों के कारण सैमसन की मुश्किल स्थिति को समझाया। बता दें कि, संजू सैमसन को पिछले कुछ समय से टीम इंडिया में लगातार मौके नहीं मिल रहे हैं।
आयरलैंड और इंग्लैंड सीरीज में फ्लॉप होने के बाद संजू को जिम्बाब्वे टी20 दौरे से बाहर कर दिया गया था और उनकी जगह वैभव को मौका दिया था। हालांकि, अफगानिस्तान टी20 सीरीज में संजू को एक बार फिर वापसी का मौका मिला, लेकिन पहले टी20 में वह सिर्फ 10 के व्यक्तिगत स्कोर पर चलती बने। चलिए आपको बताते हैं कि संजू को लेकर पूर्व ऑफ स्पिनर ने क्या कहा।
अगर आप सैमसन होते- अश्विन
पूर्व ऑफ स्पिनर ने संजू सैमसन को लेकर अपने यूट्यूब चैनल पर कहा,
"अगर आप सैमसन होते, तो क्या आपको ऐसा नहीं लगता कि आपने विश्व कप में शानदार प्रदर्शन किया और फिर आयरलैंड में सभी बल्लेबाज संघर्ष करते दिखे। फिर इंग्लैंड में एक मैच में असफल रहे और टीम से बाहर कर दिए गए। वह मानसिक रूप से काफी उथल-पुथल से गुजर रहे होंगे और सोच रहे होंगे कि कोई उनकी स्थिति को क्यों नहीं समझता। उनका सफर आसान नहीं रहा है, खासकर यह देखते हुए कि उन्होंने 2014 (2015) में शुरुआत की थी।''
बता दें कि, संजू सैमसन ने टीम इंडिया के लिए टी20 डेब्यू साल 2015 में जिम्बाब्वे के खिलाफ किया था। इसके बाद लगातार वह टीम से अंदर बाहर होते रहे हैं।
उस पर दबाव डाला जाता है- अश्विन
अपने यूट्यूब चैनल पर रविचंद्रन अश्विन ने आगे कहा, "जब वह अच्छा खेलता है, तो लोग ऐसा जताते हैं जैसे कह रहे हों, 'मैंने तो पहले ही कहा था।' लेकिन जब वह असफल होता है, तो लोग कहते हैं कि वह कभी अच्छा नहीं खेलता और उसमें निरंतरता नहीं है, इसलिए उस पर दबाव डाला जाता है।
आप कभी निश्चित नहीं हो सकते कि लोगों का आरोप सैमसन के खराब प्रदर्शन के बारे में है या वैभव सूर्यवंशी के उसके खेलने की वजह से बाहर बैठने के बारे में। आप सोचते हैं कि संजू सैमसन होने पर कैसा महसूस होगा।"
वर्ल्ड कप में किया था शानदार प्रदर्शन
भारत को आईसीसी टी20 वर्ल्ड कप 2026 जिताने में संजू सैमसन का काफी अहम रोल रहा था। संजू को विश्व कप के पहले मैच में मौका मिला था, लेकिन फिर उनको प्लेइंग-11 से ड्रॉप कर दिया गया। हालांकि, बाद में संजू को फिर प्लेइंग इलेवन में शामिल किया गया और फिर उन्होंने पीछे मुड़कर नहीं देखा।
टूर्नामेंट में संजू ने खेली पांच पारियों में 80.25 की शानदार औसत और 199.37 के जबरदस्त स्ट्राइक रेट से 321 रन बनाए थे। उनको इस बेहतरीन प्रदर्शन के लिए प्लेयर ऑफ द सीरीज का खिताब मिला था। आपको बताते दें कि, वेस्टइंडीज के खिलाफ डू और डाई मैच, सेमीफाइनल बनाम इंग्लैंड और फाइनल बनाम न्यूजीलैंड में संजू के बल्ले से शानदार अर्धशतकीय पारियां देखने को मिली थीं।
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