Rishabh Pant Test Career Best Innings: सिर्फ 28 साल की उम्र में ऋषभ पंत भारत के सर्वश्रेष्ठ विकेटकीपर बल्लेबाज बन चुके हैं और यह उपलब्धि उन्होंने अपने कड़े परिश्रम से हासिल की है। एक वक्त ऐसा भी था, जब ऋषभ पंत भारत के वैकल्पिक विकेटकीपर बल्लेबाज थे, लेकिन 15-19 जनवरी 2021 को ऑस्ट्रेलिया के ऐतिहासिक मैदान गाबा पर आई नाबाद 89 रन की पारी ने उनको वैकल्पिक से परमानेंट बना दिया।
पंत की यह पारी किसी शतक से कम नहीं थी, क्योंकि जिस पिच पर भारतीय बल्लेबाज संघर्ष कर रहे थे, उसपर पंत कंगारू गेंदबाजों की धुनाई कर रहे थे और भारत को एक यागदार जीत दिलाकर मैदान से वापस लौटे।
पहली पारी में थे फ्लॉप
भारत-ऑस्ट्रेलिया के बीच बॉर्डर गावस्कर ट्रॉफी 2020-21 का चौथा मैच ब्रिस्बेन क्रिकेट ग्राउंड में खेला गया था, जो गाबा स्टेडियम के नाम से मशहूर है। भारतीय फैंस भारी संख्या में अपनी टीम को सपोर्ट करने के लिए मैदान पर पहुंची थे। मैच में ऑस्ट्रेलिया ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया था और स्कोर बोर्ड पर 369 रन लगा दिए थे।
इसके जवाब में भारत की पहली पारी सिर्फ 336 रन पर सिमट गई थी, जिसमें पंत के बल्ले से 23 रन निकले। जब भारत पहली पारी में 336 पर ऑलआउट हुआ तो लग रहा था कि ऑस्ट्रेलिया इस मैच को आसानी से जीत जाएगा, लेकिन दूसरी पारी में ऋषभ पंत की सर्वश्रेष्ठ पारी आना अभी शेष थी।
5वें नंबर पर आकर बरपाया कहर
पहली पारी में 300 का आंकड़ा पार करने वाली ऑस्ट्रेलियाई टीम दूसरी इनिंग में सिर्फ 294 रन पर ढेर हो गई। इसके बाद भारत को गाबा टेस्ट जीतने के लिए 328 रन का लक्ष्य मिला। शुरुआत में यह चुनौती काफी मुश्किल थी, क्योंकि टीम में विराट कोहली का अनुभव मौजूद नहीं था तो रोहित शर्मा भी सिर्फ 7 के व्यक्तिगत स्कोर पर पवेलियन लौट गए।
यहां से शुभमन-पुजारा ने दूसरे विकेट के लिए 114 रन की साझेदारी की, लेकिन गिल 91 के निजी स्कोर पर आउट हो गए तो कप्तान अजिंक्य रहाणे की पारी भी 24 गेंदों पर निपट गई। यहां से भारत की जीत की उम्मीद धूमिल हो चुकी थी, लेकिन नंबर पांच पर बैटिंग के लिए उतरे विकेटकीपर बल्लेबाज ऋषभ पंत को कुछ और ही मंजूर था।
पंत ने पहुंचाया जीत के पार
रहाणे का विकेट गिरने के बाद जीत की उम्मीद शून्य हो चुकी थी, लेकिन पंत ने पहले पुजारा के साथ मिलकर चौथे विकेट के लिए 141 गेंदों पर 61 रन की साझेदाररी की। इस दौरान पंत और पुजारा को कई गेंदें अपने शरीर पर झेलनी पड़ी। पुजारा का विकेट गिरने के बाद पंत ने मयंक अग्रवाल के साथ पांचवें विकेट के लिए 37 तो वाशिंगटन सुंदर के साथ मिलकर छठे विकेट के लिए महज 55 गेंदों पर 53 रन जोड़ दिए।
इस साझेदारी ने भारत को मैच में वापस ला दिया था, लेकिन जीत का स्वाद चखने से पहले ही वाशिंगटन सुंदर आउट हो गए तो शार्दुल ठाकुर भी 2 रन बना सके। हालांकि, नंबर पांच पर बैटिंग के लिए आए पंत अंत तक नाबाद रहे और 138 गेंदों पर नाबाद 89 रन बना दिए।
पंत की इस पारी में 9 चौके और एक छक्का शामिल था। इसमें पंत की इस पारी में धैर्य और आक्रामक का शानदार तालमेल दिखा था। भारत ने यह ऐतिहासिक मैच 3 विकेट से जीता। पंत को इस पारी के लिए प्लेयर ऑफ द मैच का खिताब दिया गया, क्योंकि अगर यह पारी नहीं आती तो शायद टीम इंडिया लक्ष्य के करीब भी नहीं पहुंच पाती।