Neeraj Yadav Suicide: बुधवार को खेल जगत से एक दुखद खबर सामने आई। पैरा एशियाई खेलों में तीन बार के स्वर्ण पदक विजेता नीरज यादव की कथित तौर पर आत्महत्या से मौत हो गई। पैरा एथलेटिक्स कोच एस. सत्यनारायण ने इस दुखद खबर की पुष्टि की।
हालांकि, अभी तक मौत के पीछे के कारणों का पता नहीं चल पाया है। नीरज इस महीने जापान के आइची-नागोया में आयोजित हुए पैरा एशियन गेम्स 2026 में हिस्सा नहीं ले पाए थे। उनपर डोपिंग प्रतिबंध लगाया गया था और यही वजह थी कि वह जापान नहीं गए।
किन कारणों के चलते गई जान
42 वर्षींय नीरज यादव की किन परिस्थितियों में जान गई इसको लेकर अभी तक स्पष्ट नहीं हो पाया है, बताया जा रहा है कि डोपिंग प्रतिबंध के चलते वह इस महीने आयोजित हुई प्रतियोगिता में हिस्सा नहीं ले सके थे।
HEARTBREAKING NEWS: THREE-TIME ASIAN PARA GAMES GOLD MEDALLIST NEERAJ YADAV DIES AT 42 🇮🇳💔 The Indian Para-athlete reportedly died by suicide on Tuesday night, according to a report by The Times of India. The circumstances surrounding his death remain unclear. Neeraj won Gold in Men’s Javelin F55 at the 2018 Asian Para Games and two more Gold medals at the 2022 Asian Para Games. Our heartfelt condolences to his family, friends, and the sporting community during this difficult time. May his soul rest in peace. 🙏
— The Khel India (@TheKhelIndia) October 28, 2026
इस वजह से नीरज मानसिक तनाव में थे। उनकी मौत किन परिस्थितियों में हुई, इसका अभी पता नहीं चल पाया है। पैरा-एथलेटिक्स में आने से पहले, उन्होंने 2005 से 2012 के बीच व्हीलचेयर टेनिस भी खेला था।
GTB अस्पताल में हुआ पोस्टमार्टम
दिल्ली में स्थित GTB अस्पताल में नीरज यादव का पोस्टमार्टम किया गया। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, नीरज ने अपने घर पर कथित तौर पर जहर खा लिया था। पैरा एथलेटिक्स कोच एस. सत्यनारायण ने कहा, "मैं इस खबर से स्तब्ध हूं। खिलाड़ियों को ऐसा कदम नहीं उठाना चाहिए।
मैं उनके परिवार से बात करने की कोशिश कर रहा हूं। लेकिन मुझे खबर मिली है कि अब वह खिलाड़ी हमारे बीच नहीं रहे। नीरज यादव एशियन गेम्स चैंपियन और एक बेहतरीन एथलीट थे। यह हम सभी के लिए एक बहुत बड़ा नुकसान है।"
3 स्वर्ण पदक जीत चुके थे नीरज
नीरज यादव 7 साल की उम्र में 'पोस्ट-पोलियो रेसिडुअल पैरालिसिस' (पोलियो के बाद होने वाला लकवा) से पीड़ित होने के बावजूद, नीरज ने पैरा-एथलेटिक्स में F55 कैटेगरी के तहत जैवलिन थ्रो (भाला फेंक) और डिस्कस थ्रो (चक्र फेंक) प्रतियोगिताओं में हिस्सा लिया।
उत्तर प्रदेश के रहने वाले 42 वर्षींय नीरज ने 2018 के जकार्ता एशियन पैरा गेम्स और 2022 के हांगझोऊ एशियन पैरा गेम्स में जैवलिन थ्रो में स्वर्ण पदक जीता था। उन्होंने हांगझोऊ में डिस्कस थ्रो में भी स्वर्ण पदक हासिल किया था।
2023 में लगा था प्रतिबंध
अक्टूबर 2023 में, बेंगलुरु के SAI सेंटर में नेशनल एंटी-डोपिंग एजेंसी (NADA) द्वारा लिए गए एक सैंपल (जो प्रतियोगिता के बाहर लिया गया था) में नीरज यादव 'स्टैनोज़ोलोल' (एक एनाबॉलिक स्टेरॉयड) के लिए पॉजिटिव पाए गए थे। इसके बाद, नवंबर 2023 में उन पर 'एंटी-डोपिंग नियम उल्लंघन' (ADRV) का आरोप लगाया गया और 2024 में उन्हें अस्थायी रूप से निलंबित कर दिया गया।
हालांकि, पूरी प्रक्रिया के दौरान नीरज ने खुद को निर्दोष बताया। उन्होंने दावा किया कि सैंपल में कोई गड़बड़ी हुई है या टेस्टिंग प्रक्रिया में कोई गलती हुई है। साथ ही, उन्होंने सैंपल की असलियत की पुष्टि करने के लिए DNA टेस्ट कराने की मांग भी की थी।
डिस्क्लेमर: प्रशिक्षित और मान्यता प्राप्त मानसिक स्वास्थ्य (मेंटल हेल्थ) परामर्शदाताओं से परामर्श और सहायता प्राप्त करने के लिए टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर 14416 या 1800-891-4416 डायल करें।
या
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(यदि आपको सहायता की आवश्यकता है या आप किसी ऐसे व्यक्ति को जानते हैं जिसे सहायता की आवश्यकता है, तो कृपया अपने निकटतम मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ से संपर्क करें।)
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