22 अक्टूबर 2026 को आश्विन शुक्ल पक्ष की पापांकुशा एकादशी है। एकादशी तिथि दोपहर 02:47 बजे तक है। राहुकाल दोपहर 01:36 बजे से 03:01 बजे तक रहेगा। ब्रह्म मुहूर्त सुबह 04:54 बजे से 05:42 बजे तक है।
पंचांग की पारंपरिक व्याख्या के अनुसार, गुरुवार, शुक्ल एकादशी, शतभिषा और कुंभ राशि में चंद्रमा का संयोजन जल्दबाजी में निर्णय लेने के बजाय सोच-समझकर कार्रवाई करने का आधार प्रदान करता है। गुरुवार को आमतौर पर विवेकपूर्ण निर्णय और ज्ञान को महत्व देने के संकेत के रूप में देखा जाता है, जबकि शुक्ल एकादशी संयम और उद्देश्य की स्पष्टता को बढ़ावा देती है।
आज का पंचांग विवरण (22 अक्टूबर 2026)
तिथि: शुक्ल पक्ष एकादशी (दोपहर 02:47 बजे तक, उसके बाद द्वादशी)
नक्षत्र: शतभिषा नक्षत्र (रात्रि 08:49 बजे तक)
वार: गुरुवार
योग: वृद्धि योग (रात्रि 11:40 बजे तक)
करण: विष्टि (भद्रा) दोपहर 02:47 बजे तक
चंद्रमा: कुंभ राशि में
सूर्योदय: सुबह 06:26 बजे
सूर्यास्त: शाम 05:40 बजे के करीब
शुभ मुहूर्त
ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 04:54 बजे – सुबह 05:42 बजे
विष्णु पूजा का शुभ समय: सुबह 06:26 बजे – सुबह 07:51 बजे
अभिजीत मुहूर्त: दोपहर 11:43 बजे – दोपहर 12:27 बजे
शुभ चौघड़िया: शाम 07:20 बजे – रात 08:55 बजे
अशुभ मुहूर्त एवं राहुकाल
राहुकाल: दोपहर 01:36 बजे – दोपहर 03:01 बजे (इस दौरान कोई नया काम शुरू न करें)
भद्रा काल: सुबह 06:26 बजे – दोपहर 02:47 बजे (पृथ्वी पर वास होने के कारण मांगलिक कार्य वर्जित)
व्रत पारण समय (अगले दिन 23 अक्टूबर): सुबह 06:27 बजे – सुबह 08:42 बजे के बीच।
व्रत पारण का समय
राहुकाल में शुभ काम करने से बचें
पंचांग के समय का पालन करने वालों को राहु काल (दोपहर 1:30 से 2:55 बजे तक) के दौरान कोई महत्वपूर्ण कार्य शुरू करने से बचना चाहिए। यह एक पारंपरिक सावधानी है, न कि यह भविष्यवाणी कि सामान्य कार्य बिगड़ेंगे। यदि आपके पास समय हो, तो इस समय का उपयोग सामग्री की समीक्षा करने, रिकॉर्ड व्यवस्थित करने या पहले से चल रहे कार्य को जारी रखने के लिए करें, न कि कोई अनावश्यक नया कार्य शुरू करने के लिए।