Gautam Gambhir on Ranchi Pitch: वेस्टइंडीज के खिलाफ हाई-स्कोरिंग दूसरे टी20आई मैच के बाद, भारत के हेड कोच गौतम गंभीर ने व्हाइट-बॉल क्रिकेट में बल्ले और गेंद के बीच बराबरी के मुकाबले की अपनी बात दोहराई। उन्होंने बैटिंग के लिए आसान पिचों का गेंदबाजों के करियर पर पड़ने वाले असर को लेकर चिंता जताई।
गंभीर की यह प्रतिक्रिया भारत-वेस्टइंडीज मैच के बाद आई है, जहां, मेहमानों ने 250 रन का लक्ष्य 18.3 ओवर में 4 विकेट गंवाकर आसानी से हासिल कर लिया। यह वेस्टइंडीज की टी20 इंटरनेशनल में सफलतापूर्वक रन चेज है, जिसमें कप्तान शाई होप और शेरफेन रदकफोर्ड का काफी अहम योगदान रहा।
इनका करियर दांव- गंभीर
रांची में मैच के बाद हेड कोच गौतम गंभीर प्रेस कॉन्फ्रेंस में आए और पत्रकारों के तीखें सवालों का जवाब अपने अनोखे अंदाज में दिया। उन्होंने कहा,
"क्या आप बल्ले और गेंद के बीच अच्छा मुकाबला नहीं देखना चाहते? आप जो देखना चाहते हैं, वही हम भी देखना चाहते हैं। हम भी बराबरी का मुकाबला देखना चाहते हैं। ये गेंदबाज हमारे हैं, किसी और के नहीं। इनका करियर दांव पर है, इस ड्रेसिंग रूम तक पहुंचने के लिए इन्होंने कड़ी मेहनत की है। अगर मुकाबला बराबरी का होगा, तो हमें क्रिकेट का बेहतर खेल देखने को मिलेगा।"
गंभीर के इस बयान ने साफ कर दिया कि वह रांची की पिच से संतुष्ट नहीं थे और अपनी आपत्ति दर्ज करवा रहे थे।
पिच पर भड़के हेड कोच
दूसरे टी20आई में कुल 38.3 ओवर का खेल हुआ और 501 रन बने। इस दौरान दोनों टीमों ने 33 छक्के मारे थे। पत्रकार वार्ता में गंभीर ने माना की पिच सपाट थी और इससे गेंदबाजी करना मुश्किल हो गया। उन्होंने कहा,
"आप किसी भी हार को नजरअंदाज नहीं कर सकते। अगर आप लगातार सुधार करना चाहते हैं, तो आप किसी भी चीज को छिपाना नहीं चाहेंगे। हम वर्ल्ड चैंपियन टीम हैं, इसलिए हम लगातार बेहतर होते रहना चाहते हैं। जाहिर है, ऐसी पिच पर गेंदबाज़ी करना मुश्किल होता है। सपाट विकेट और ओस की वजह से यह मुश्किल तो है, लेकिन हमें इसका कोई न कोई तरीका निकालना होगा। खासकर तब, जब विरोधी टीम ने पहले ही ओवर में दो विकेट और पावरप्ले में तीन विकेट गंवा दिए हों।"
गंभीर ने की मयंक की तारीफ
लखनऊ टी20 में फ्लॉप रहने वाले मयंक यादव ने रांची की सपाट पिच पर वेस्टइंडीज के तीन बल्लेबाजों को अपना शिकार बनाया था। मयंक ने वेस्टइंडीज को शुरुआती झटके दे दिए थे, लेकिन उनको अन्य गेंदबाजों का साथ नहीं मिला। मयंक की गेंदबाजी पर गंभीर ने कहा,
"वह एक तेज गेंदबाज है, उसे एक तेज गेंदबाज की तरह ही गेंदबाजी करनी चाहिए। वह कोई धीमा गेंदबाज नहीं है। अगर आप 150 किमी/घंटा की रफ्तार से गेंदबाजी कर सकते हैं, तो 150 किमी/घंटा की स्पीड से करें। अगर आप 120 किमी/घंटा की स्पीड से गेंदबाजी करते हैं, तो 120 किमी/घंटा की स्पीड से करें। जब आप एक तेज गेंदबाज के तौर पर खेल रहे होते हैं, तो तेज गेंदबाजी करना आपकी जिम्मेदारी होती है। और आज उसने वही किया और उसे सफलता भी मिली।"
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