सोशल मीडिया पर भारतीय प्रतिभा और प्रतिष्ठित संस्थानों को लेकर की गई एक टिप्पणी अमेरिकी यूजर पर ही भारी पड़ गई। @Oilfield\_Rando नाम के X यूजर ने अमेरिका की मोंटाना स्टेट यूनिवर्सिटी में पढ़ाने वाले भारतीय प्रोफेसरों की एक सूची साझा की।
Montana State University’s Mechanical/Industrial Engineering Department is headed by a graduate of the Punjab Agricultural University. https://t.co/wkwtLjZjfJ
— Oilfield Rando (@Oilfield_Rando) October 3, 2026
इस पोस्ट में भारतीय प्रोफेसर डॉ. शिवली बनर्जी का नाम भी शामिल था। इसके बाद यूजर ने उनकी योग्यता और भारतीय शिक्षा व्यवस्था को लेकर नस्लीय टिप्पणी कर दी, जिसके बाद सोशल मीडिया पर लोगों ने उसे जमकर घेरा।
कैसे शुरू हुआ विवाद?
विवाद की शुरुआत उस पोस्ट से हुई, जिसमें मोंटाना स्टेट यूनिवर्सिटी में कार्यरत भारतीय प्रोफेसरों की सूची साझा की गई थी। इनमें डॉ. शिवली बनर्जी भी शामिल थीं, जो यूनिवर्सिटी में एग्रीकल्चरल प्रोसेस इंजीनियरिंग की असिस्टेंट प्रोफेसर हैं। डॉ. बनर्जी ने प्रतिष्ठित IIT बॉम्बे से PhD की है।
Montana State University’s Dean of the college of Agriculture is a graduate of the Kerala Agricultural University in India. https://t.co/EuZ30AxPFM
— Oilfield Rando (@Oilfield_Rando) October 3, 2026
पोस्ट के जरिए अमेरिकी यूजर कथित तौर पर यह दिखाना चाहता था कि अमेरिकी विश्वविद्यालयों में भारतीय शिक्षकों की संख्या काफी अधिक है। हालांकि, डॉ. बनर्जी को लेकर की गई टिप्पणी को लोगों ने नस्लीय और अपमानजनक माना।
लोगों ने IIT के आंकड़ों से दिया जवाब
पोस्ट वायरल होने के बाद कई यूजर्स ने अमेरिकी शख्स को तथ्यों के साथ जवाब देना शुरू किया। डेटा साइंटिस्ट अरमांड डोमालेव्स्की समेत कई लोगों ने IIT की कठिन चयन प्रक्रिया और वैश्विक प्रतिष्ठा का जिक्र किया।
यूजर्स ने कहा कि IIT जैसे संस्थानों में प्रवेश हासिल करना बेहद कठिन है और वहां से पढ़े किसी प्रोफेसर का अमेरिकी विश्वविद्यालय में पढ़ाना उस संस्थान के लिए उपलब्धि मानी जानी चाहिए। कई सोशल मीडिया यूजर्स ने IIT में प्रवेश की बेहद कम दर का हवाला देते हुए इसकी तुलना हार्वर्ड और MIT जैसी प्रतिष्ठित यूनिवर्सिटीज से भी की।
सफाई के बजाय और भड़की टिप्पणी
आलोचना बढ़ने के बाद अमेरिकी यूजर ने अपनी टिप्पणी स्पष्ट करने या माफी मांगने के बजाय भारत को लेकर एक और आपत्तिजनक बयान दे दिया। उसने भारत को बेहद खराब शब्दों में संबोधित किया।
इसके बाद सोशल मीडिया पर उसकी आलोचना और तेज हो गई। लोगों ने कहा कि किसी व्यक्ति की राष्ट्रीयता या मूल देश के आधार पर उसकी योग्यता पर सवाल उठाना न केवल अनुचित है। इस पूरे विवाद ने एक बार फिर सोशल मीडिया पर भारतीय प्रोफेशनल्स और IIT जैसे संस्थानों की वैश्विक प्रतिष्ठा को लेकर बहस छेड़ दी।
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