कामकाजी कपल्स के लिए समय की कमी अक्सर रिश्ते में दूरी की वजह बन जाती है। ऑफिस, मीटिंग्स और रोजमर्रा की जिम्मेदारियों के बीच डेटिंग के लिए लंबा समय निकालना मुश्किल हो सकता है। लेकिन रिश्ते को मजबूत बनाए रखने के लिए घंटों साथ रहना जरूरी नहीं। थोड़े समय को सही तरीके से इस्तेमाल करके भी खूबसूरत पल बनाए जा सकते हैं।

डेटिंग को भी दें प्राथमिकता

जिस तरह ऑफिस शेड्यूल और प्रोजेक्ट्स को प्राथमिकता देते हैं, उसी तरह रिश्ते के लिए भी समय तय करें। व्यस्त दिनों में 30 मिनट से एक घंटे की माइक्रो डेट भी काफी हो सकती है। अपने मौजूदा शेड्यूल को देखते हुए व्यावहारिक डेटिंग गोल तय करें, ताकि साथ बिताया समय बोझ न लगे।

ज्यादा व्यस्त हों तो पहले से बनाएं प्लान

अगर अगले एक-दो हफ्ते या पूरे महीने काम ज्यादा रहने वाला है, तो पहले से कोई खास प्लान बना लें। शहर से बाहर की यात्रा, देर रात तक ऑफिस या दूसरे जरूरी कामों को ध्यान में रखते हुए डेटिंग शेड्यूल करें। साथ ही, रोजाना मैसेज या कॉल के लिए एक निश्चित समय तय करना भी रिश्ते में जुड़ाव बनाए रखता है।

ऐसे करें माइक्रो डेटिंग

माइक्रो डेटिंग के लिए बड़े प्लान की जरूरत नहीं होती। काम पर जाने से पहले साथ में वॉक या कॉफी के लिए जा सकते हैं। ऑफिस के आसपास लंच ब्रेक में मिलना, साथ में शॉपिंग करना या किसी छोटे इवेंट में जाना भी अच्छा विकल्प है। हर दिन कम से कम पांच मिनट ऐसे जरूर निकालें, जब फोन, ऑफिस या काम की कोई बात न हो। सिर्फ एक-दूसरे से बात करें और दिन के बारे में पूछें।

हर हफ्ते पूछें ये 3 सवाल

इस हफ्ते मेरी कौन-सी बात तुम्हें सबसे अच्छी लगी? इससे शिकायतों के बजाय एक-दूसरे की अच्छी खूबियों पर ध्यान जाएगा।

इस हफ्ते तुम्हारे लिए सबसे मुश्किल क्या रहा? इससे पार्टनर की परेशानियों और भावनाओं को समझने का मौका मिलेगा।

क्या तुम्हें मेरी किसी मदद या सपोर्ट की जरूरत है? इससे आप एक-दूसरे की जिंदगी में बेहतर तरीके से शामिल हो पाएंगे।

कब समझें कि व्यस्तता बन रही है रुकावट?

डेटिंग जरूरी समय के बजाय काम या बोझ जैसी लगने लगे, तो सावधान होने की जरूरत है। बार-बार बिना ठोस वजह के मिलने का प्लान टालना या बहाने बनाना भी संकेत हो सकता है कि रिश्ते को पर्याप्त प्राथमिकता नहीं मिल रही।

ये भी पढ़ें: Fat Dogs Of Delhi: क्या बढ़ता मोटापा कुत्तों के लिए खतरे की घंटी है?