Madhya Pradesh: वो कहते हैं ना देने वाला जब भी देता है छप्पर फाड़ कर देता है। ना उम्मीद से कम और न किस्मत से ज्यादा! इस समय त्योहार शुरू हो चुके हैं, सभी के घरों में खुशियां दस्तक दे रही हैं, ऐसी ही खुशियों का जैकपोट एक 6 साल के बच्चे के नसीब में तोहफे की तरह लगा है। जी हां सही सुना आपने, आज हम बात कर रहे हैं मध्य प्रदेश के रहने वाले 6 साल के मेदांश रायकवार की। जिसकी किस्मत रातों- रातों ऐसी पलटी जिसने उसे लाखों की गाड़ी का मालिक बना दिया।
अब आप यह सोच रहे होंगे कि, आखिर ऐसा क्या हुआ जो 6 साल का मेदांश रायकवार 50 लाख की गाड़ी का मालिक बन गया। तो चलिए बताते हैं आपको कैसे मेदांश रायकवार चमचमाती 50 लाख की फॉर्च्यूनर का मालिक बना?
परिवार कर रहा था गाड़ी खरीदने का विचार
मध्यप्रदेश के बुरहानपुर जिले के सीलमपुरा गांव में रहने वाले 6 साल के मेदांश रायकवार का परिवार पिछले कई सालों से नई गाड़ी लेने का प्लान बना रहे थे। लेकिन जोड़े गए पैसे कम होने के कारण परिवार नई गाड़ी नहीं ले पा रहा था। बीते वर्ष मेदांश रायकवार की दादी किरम रायकवार आभापूरी धाम के श्री सरकार धाम गरबा कार्यक्रम में पहुंची।
जहां दादी ने 1 साल पहले 200 रूपये का एक कूपन खरीदा। जिसमें उन्होंने अपने पोते का नाम लिखवाया। लेकिन दादी को यह अंदाजा बिलकुल भी नहीं था कि उनके एक छोटे से कूपन से 1 साल बाद उनके परिवार की किस्मत बदल जाएगी।
1 साल बाद मिली गाड़ी
ठीक 1 साल बाद अब लकी ड्रा निकला। जो मेदांश के नाम था। पहले स्थान पर आने वाले को टोयोटा की फॉर्च्यूनर कार मिलनी थी, क्योंकि पहला नंबर का ड्रा मेदांश के नाम पर खुला। इसके बाद महज 200 रूपये के कूपन ने मेदांश को 50 लाख रूपये की लग्जरी फॉर्च्यूनर का मालिक बना दिया। बता दें कि इस लकी ड्रॉ का आयोजन बीते वर्ष 2025 में हुआ था।
हालांकि, परिवार को टोयोटा फॉर्च्यूनर की डिलीवरी साल 2026 में मिली। इनाम जीतने से लेकर गाड़ी मिलने तक परिवार को काफी ज्यादा इंतजार करना पड़ा। आखिरकार जब गाड़ी घर पहुंची तो खुशी की लहर सी दौड़ गई। ढोल-नगाड़ों के साथ मेदांश का स्वागत कर नई कार की पूजा अर्चना की गई।
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