असम: असम में बाल विवाह के खिलाफ पुलिस ने सख्त रुख अपनाते हुए विशेष अभियान चलाया है। वहीं इस अभियान के तहत असम के श्रीभूमि जिले में 28 मामले दर्ज किए गए, जबकि 32 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। हालांकि इस कार्रवाई की जानकारी अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक प्रणब ज्योति कलिता ने दी। बता दें कि पुलिस की इस कार्रवाई से बाल विवाह के मामलों पर लगाम लगाने और कानून का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्ती का संदेश दिया गया है।

Highlights:- 

  • असम के श्रीभूमि जिले में बाल विवाह के खिलाफ विशेष अभियान।
  • पुलिस ने 28 मामले दर्ज किए।
  • अभियान के दौरान 32 लोगों की गिरफ्तारी हुई।
  • अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक प्रणब ज्योति कलिता ने दी जानकारी।

श्रीभूमि में पुलिस की विशेष कार्रवाई

असम पुलिस ने श्रीभूमि जिले में बाल विवाह के खिलाफ विशेष अभियान के दौरान यह कार्रवाई की। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक प्रणब ज्योति कलिता ने बताया कि पुलिस ने अभियान के तहत 28 केस दर्ज किए और 32 लोगों को गिरफ्तार किया है। साथ ही उन्होंने कहा कि बाल विवाह एक गंभीर सामाजिक समस्या है, जिसका बच्चों की शिक्षा, स्वास्थ्य और भविष्य पर नकारात्मक असर पड़ सकता है। इसे रोकने के लिए देश में कानूनी प्रावधान लागू हैं। ऐसे में पुलिस की यह कार्रवाई बाल विवाह के मामलों में कानून के पालन को लेकर अहम मानी जा रही है।

बाल विवाह पर कानून क्या कहता है?

भारत में बाल विवाह निषेध अधिनियम, 2006 के तहत बाल विवाह को रोकने और इसमें शामिल लोगों के खिलाफ कार्रवाई करने का प्रावधान है। सामान्य तौर पर, 18 वर्ष से कम उम्र की लड़की और 21 वर्ष से कम उम्र के लड़के का विवाह बाल विवाह की श्रेणी में आता है। हालांकि, बाल विवाह से जुड़े मामलों में कानूनी कार्रवाई तथ्यों और लागू प्रावधानों के आधार पर होती है।

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