ज़रा हट के
हर मिनट सोशल मीडिया से हट रही पोस्ट? सरकार के आदेश पर Facebook-Instagram से कंटेंट डिलीट, जानें पूरा मामला
सोशल मीडिया पर कंटेंट हटाने को लेकर सरकार की सख्ती एक बार फिर चर्चा में है। सरकार या सक्षम प्राधिकरण की ओर से जारी आदेशों के बाद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को तय समयसीमा के भीतर संबंधित कंटेंट पर कार्रवाई करनी होती है। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि आखिर ये पोस्ट क्यों हटाई जा रही हैं और इसका सोशल मीडिया यूजर्स पर क्या असर पड़ेगा?
सोशल मीडिया पर कंटेंट हटाने को लेकर सरकार की सख्ती एक बार फिर चर्चा में है। सरकार या सक्षम प्राधिकरण की ओर से जारी आदेशों के बाद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को तय समयसीमा के भीतर संबंधित कंटेंट पर कार्रवाई करनी होती है। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि आखिर ये पोस्ट क्यों हटाई जा रही हैं और इसका सोशल मीडिया यूजर्स पर क्या असर पड़ेगा?
सरकार के आदेश के बाद प्लेटफॉर्म्स पर कार्रवाई
भारत में सोशल मीडिया कंपनियों को कानूनी रूप से वैध सरकारी या न्यायिक आदेश मिलने पर संबंधित कंटेंट हटाने की प्रक्रिया का पालन करना होता है। नए आईटी नियमों के तहत कुछ मामलों में कार्रवाई के लिए समयसीमा भी तय की गई है। इसका मकसद फर्जी खबर, आपत्तिजनक सामग्री, डीपफेक और अन्य गैरकानूनी कंटेंट के प्रसार को रोकना बताया गया है।
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क्या सरकार खुद हर पोस्ट डिलीट कर रही है?
यहां एक जरूरी अंतर समझना होगा। सरकार आमतौर पर हर पोस्ट को खुद जाकर डिलीट नहीं करती। संबंधित प्राधिकरण की ओर से प्लेटफॉर्म को आदेश या निर्देश दिया जा सकता है, जिसके बाद फेसबुक, इंस्टाग्राम, यूट्यूब जैसे प्लेटफॉर्म अपनी कानूनी जिम्मेदारियों के तहत कंटेंट पर कार्रवाई करते हैं। इसलिए “हर मिनट एक पोस्ट सरकार खुद डिलीट कर रही है” जैसे दावे को आंकड़ों के स्रोत के बिना तथ्य मानना सही नहीं होगा।
आखिर पोस्ट क्यों हटाई जाती हैं?
किसी कंटेंट पर कार्रवाई के पीछे कई कारण हो सकते हैं। इनमें गैरकानूनी सामग्री, फर्जी या भ्रामक जानकारी, डीपफेक, आपत्तिजनक सामग्री और अदालत या सरकार के वैध आदेश शामिल हो सकते हैं। हालांकि, कंटेंट हटाने को लेकर सबसे बड़ा सवाल यही है कि कार्रवाई कितनी पारदर्शी है और यूजर को गलत तरीके से हटाई गई पोस्ट के खिलाफ शिकायत या अपील का कितना अधिकार मिलता है।
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सोशल मीडिया यूजर्स के लिए क्या मायने रखता है?
सोशल मीडिया पर गलत सूचना और डीपफेक को रोकना जरूरी है, लेकिन इसके साथ अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता की सुरक्षा भी महत्वपूर्ण है। इसी वजह से सरकार और सोशल मीडिया कंपनियों की भूमिका को लेकर लगातार बहस होती रहती है।
Written By: Shivani Gupta
आपके दिए हुए प्रोफाइल को **राजीव सिंह** और **TNP News** के अनुसार ढालकर, NBT/Times of India से जुड़े संदर्भ हटाकर इस तरह किया जा सकता है: ## राजीव सिंह, TNP News में एडिटर और एक्सप्लेनर एक्सपर्ट हैं। राजीव सिंह TNP News में एक्सप्लेनर, स्पेशल स्टोरीज और रिसर्च आधारित खबरों की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। उनके एक्सप्लेनर राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय, बिजनेस, राजनीति, सामाजिक मुद्दों और एंटरटेनमेंट समेत विभिन्न कैटेगरी की खबरों से जुड़े होते हैं। किसी भी विषय पर स्टोरी तैयार करते समय शरद दीक्षित रिसर्च, डीप डाइव, फैक्ट चेक, वैल्यू एड और विशेषज्ञों की राय को विशेष महत्व देते हैं। TNP News के लिए वे महत्वपूर्ण और चर्चित मुद्दों पर विश्लेषणात्मक एवं रियल टाइम स्टोरीज तैयार करते हैं। उनका फोकस किसी भी खबर को केवल प्रस्तुत करने के बजाय उसके पीछे की पूरी कहानी, तथ्यों और उसके संभावित प्रभाव को पाठकों तक सरल और प्रभावी तरीके से पहुंचाने पर रहता है। राजीव सिंह को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम, राजनीति, बिजनेस, सामाजिक मुद्दों और मनोरंजन की खबरों पर लगातार नजर रखने का अनुभव है। किसी भी खबर पर उनकी पहली प्राथमिकता तथ्यों की पुष्टि और सटीक जानकारी होती है। इसके बाद वे यह समझने पर जोर देते हैं कि उस खबर का समाज, राजनीति, अर्थव्यवस्था और आम लोगों पर क्या प्रभाव पड़ सकता है। ### पत्रकारिता का अनुभव राजीव सिंह ने पत्रकारिता के क्षेत्र में डेस्क, ग्राउंड रिपोर्टिंग, इंटरव्यू, रिसर्च, डिजिटल कंटेंट और स्पेशल स्टोरीज जैसी विभिन्न भूमिकाओं में काम किया है। अपने पत्रकारिता करियर के दौरान उन्होंने समाचारों के पारंपरिक माध्यमों के साथ-साथ डिजिटल पत्रकारिता की बदलती जरूरतों और नई तकनीकों को भी करीब से समझा है। उन्होंने राष्ट्रीय और स्थानीय स्तर के महत्वपूर्ण मुद्दों को कवर करने के साथ-साथ राजनीतिक घटनाक्रम, चुनाव, सामाजिक विषयों, प्रशासनिक मुद्दों और जनसरोकार से जुड़े विषयों पर रिपोर्टिंग और विश्लेषण किया है। TNP News में राजीव सिंह का प्रमुख फोकस रिसर्च आधारित पत्रकारिता, एक्सप्लेनर स्टोरी, डीप डाइव, स्पेशल स्टोरी और तथ्यपरक विश्लेषण पर है। उनका प्रयास रहता है कि जटिल और महत्वपूर्ण विषयों को आसान भाषा में इस तरह प्रस्तुत किया जाए कि पाठक खबर के साथ-साथ उसके कारण, प्रभाव और पूरे संदर्भ को भी समझ सके। ### पत्रकारिता का दृष्टिकोण राजीव सिंह राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय घटनाओं, राजनीति, बिजनेस, सामाजिक मुद्दों और डिजिटल मीडिया के बदलते ट्रेंड पर उनकी लगातार नजर रहती है। वे खबर के तत्काल प्रभाव के साथ-साथ उसके दीर्घकालिक प्रभाव को भी समझने और पाठकों के सामने रखने पर जोर देते हैं। उनकी पत्रकारिता का उद्देश्य केवल खबर देना नहीं, बल्कि पाठकों को **खबर के पीछे की कहानी, तथ्य और उसका असर** समझाना है। ### TNP News में भूमिका TNP News में राजीव सिंह एक्सप्लेनर, स्पेशल स्टोरीज, डीप डाइव और रिसर्च आधारित कंटेंट के साथ काम कर रहे हैं। वे महत्वपूर्ण घटनाओं और ट्रेंडिंग मुद्दों पर रियल टाइम एक्सप्लेनर और विश्लेषणात्मक स्टोरी तैयार करने के साथ डिजिटल ऑडियंस की जरूरतों के अनुसार कंटेंट को सरल, विश्वसनीय और प्रभावी बनाने पर ध्यान देते हैं। TNP News के माध्यम से उनका प्रयास ऐसी पत्रकारिता को आगे बढ़ाना है जिसमें **तथ्य, रिसर्च, निष्पक्ष विश्लेषण और जनसरोकार** को प्राथमिकता मिले।