जयपुर : राजस्थान की राजधानी जयपुर में रविवार को ऐतिहासिक परकोटा क्षेत्र की विरासत बचाने और लगातार हो रहे पलायन के मुद्दे को लेकर 'जन आक्रोश रैली' आयोजित की गई। यह रैली युवा शक्ति मंच राजस्थान की ओर से निकाली गई, जिसकी शुरुआत खोले के हनुमान जी मंदिर से हुई। रैली में जयपुर और आसपास के इलाकों से बड़ी संख्या में लोगों ने हिस्सा लिया।
2,100 महिलाओं ने संभाली रैली की कमान
आयोजकों के अनुसार, इस रैली में करीब 2,100 महिलाओं ने नेतृत्व किया। वहीं, लगभग 10 हजार दोपहिया वाहन और करीब 500 चार पहिया वाहन भी शामिल हुए। रैली जयपुर के कई प्रमुख इलाकों से होते हुए अल्बर्ट हॉल पहुंचकर समाप्त हुई।
परकोटा क्षेत्र की पहचान बचाने की मांग
रैली में शामिल लोगों ने जयपुर के ऐतिहासिक परकोटा क्षेत्र के बदलते स्वरूप को लेकर चिंता जताई। प्रदर्शनकारियों ने सरकार और प्रशासन से मांग की कि जयपुर की सांस्कृतिक और स्थापत्य विरासत को बचाने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं। उन्होंने कहा कि परकोटा केवल एक पुराना इलाका नहीं, बल्कि राजस्थान की संस्कृति और पहचान का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
रैली में स्थानीय लोगों के लगातार पलायन का मुद्दा भी उठाया गया। प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि परकोटा क्षेत्र में: बेहतर मूलभूत सुविधाएं, सुरक्षा व्यवस्था और रोजगार के अवसर बढ़ाए जाएं, ताकि लोग अपने पुश्तैनी घर छोड़ने के लिए मजबूर न हों।
महिलाओं की भागीदारी ने दिया बड़ा संदेश: सुनील सिंह शेखावत
राजस्थान युवा मंच के प्रदेश संयोजक सुनील सिंह शेखावत ने कहा कि जयपुर की ऐतिहासिक पहचान और परकोटा क्षेत्र की विरासत सभी के लिए गर्व का विषय है। उन्होंने कहा कि इस रैली के जरिए सरकार और प्रशासन का ध्यान परकोटा क्षेत्र से हो रहे पलायन और विरासत संरक्षण की जरूरत की ओर आकर्षित करना है।
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उन्होंने कहा कि रैली में 2,100 महिलाओं की भागीदारी यह संदेश देती है कि महिलाएं भी जयपुर की विरासत बचाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं।
जयपुर की पहचान से जुड़ा है परकोटा क्षेत्र: गौरी शंकर पोरवाल
राजस्थान युवा मंच के महासचिव गौरी शंकर पोरवाल ने कहा कि जयपुर का परकोटा केवल ऐतिहासिक क्षेत्र नहीं, बल्कि राजस्थान की संस्कृति और पहचान का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि लोगों का लगातार पलायन गंभीर चिंता का विषय है। सरकार को ऐसी नीति बनानी चाहिए, जिससे क्षेत्र का विकास भी हो और उसकी ऐतिहासिक पहचान भी सुरक्षित रहे।
विरासत संरक्षण के लिए दीर्घकालिक योजना की मांग
आयोजकों ने कहा कि जयपुर की विरासत राजस्थान की सांस्कृतिक धरोहर का अभिन्न हिस्सा है। उन्होंने सरकार से अपील की कि परकोटा क्षेत्र के संरक्षण और विकास के लिए लंबे समय की योजना बनाई जाए, जिसमें आधुनिक सुविधाओं का विस्तार हो लेकिन ऐतिहासिक स्वरूप से समझौता न किया जाए।
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