World News : अमेरिकी और ईरान में अभी भी तनाव की स्थिति बनी हुई है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अपनी कूटनीति के कारण ईरान को आंखें दिखा रहे हैं। लगातार जारी इस तनाव में ट्रंप और ईरान के बीच आर्थिक प्रतिबंधों का दौर भी देखा गया है। ट्रंप ने ईरान पर कड़ा आर्थिक दबाव बनाने के लिए नौसैनिक नाकेबंदी और सख्त पाबंदियों की रणनीति भी अपनाई है, तो वहीं दूसरी ईरान सीना चौड़ा किए अमेरिका के आगे खड़ा है और झुकने से साफ इनकार किया है। इसी का असर है कि ईरान अमेरिका के बीच तनाव कम होने के बजाय लगातार बढ़ता जा रहा है।
विदेश मंत्री अब्बास अराघची की खुली चेतावनी
ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची रविवार को अमेरिका की नई पाबंदियों पर चेतावनी जारी करते हुए अमेरिका तेहरान को झुकने के लिए मजबूर नहीं कर सकता। ईरान के ऊपर देखी जा रही अमेरिका का नई पाबंदियों की धमकी को दबाव का संकेत माना जा रहा है। विदेश मंत्री अराघनीचे का कहना है कि अगर अमेरिका फिर से पुराने तरीके के आर्थिक दबाव डालेगा तो इसका नतीजा पहले से अलग नहीं होगा। विदेश मंत्री ने यह भी कहा कि पूर्व में नाकेबंदी और सैन्य कार्रवाई जैसे बड़े कदमों का उन्होंने सामना किया है, और आगे भी वह पीछे नहीं हटेंगे सामना करेंगे।
क्या है अमेरिका की चेतावनी?
अमेरिकी ट्रेजरी सेक्रेटरी स्कॉट बेसेंट ने मामले में दोपहर 2 बजे एक पीसी करने का एलान किया है। स्कॉट बेसेंट ने ईरान के खिलाफ सबसे बड़ी ऐतिहासिक पाबंदियां लगाने की बात कही। इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने सख्त चेतावनी दी है। जिसमें ट्रंप ने कहा है कि ईरान को किसी प्रकार की मदद और आर्थिक योगदान देने वाले देशों को भी अमेरिकी पाबंदियों का सामना करना पड़ेगा।
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर पड़ेगा दबाव
ईरान की अर्थव्यवस्था पर इस समय काफी ज्यादा दबाव देखा जा सकता है। ईरान पहले से ही कई अंतरराष्ट्रीय पाबंदियों को झेल रहा है। बात की जाए सेना की तो इस समय सेना की तरफ से बुनियादी ढांचों को नुकसान होने के बाद से ईरान को काफी ज्यादा संघर्ष का सामना करना पड़ रहा है। इसका सबसे ज्यादा असर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज की स्थिति को लेकर है। इस समय स्थिति पूरी दुनिया के लिए एक बड़ी चिंता का विषय बनी हुई है। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज दुनिया की तेल सप्लाई के लिए बेहद महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग माना गया है।