वॉशिंगटन डीसी: अमेरिका और कनाडा के बीच व्यापारिक तनाव और बढ़ गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को घोषणा की कि जनवरी 2027 से कनाडा से आयात होने वाली कारों, ट्रकों, ऑटोमोबाइल पार्ट्स और स्टील पर टैरिफ बढ़ाकर 50 प्रतिशत कर दिया जाएगा।
यह घोषणा वॉशिंगटन और ओटावा के बीच एक साल से अधिक समय से चल रही व्यापार वार्ता के पिछले सप्ताह विफल होने के बाद की गई है।
ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म Truth Social पर कनाडा पर अमेरिकी किसानों और कृषि उत्पादों पर भारी शुल्क लगाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि अमेरिका में निर्माण करने वाली कंपनियों पर शून्य टैरिफ लगाया जाएगा।
ट्रंप ने कनाडा पर अमेरिका के साथ व्यापार में भारी असंतुलन पैदा करने का आरोप लगाते हुए कहा कि कनाडा अपने कारोबार का लगभग 95 प्रतिशत अमेरिका के साथ करता है, जबकि अमेरिका को कनाडा पर उसी स्तर की निर्भरता नहीं है।
कनाडा देगा जवाब
कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने अमेरिकी प्रस्ताव को “अनुचित” और “आर्थिक रूप से नुकसानदायक” बताते हुए वार्ता से अपने वार्ताकारों को वापस बुला लिया है।
कार्नी ने कहा कि कनाडा अमेरिकी नए टैरिफ का डॉलर-फॉर-डॉलर जवाब देगा। कनाडा की जवाबी कार्रवाई 8 सितंबर से लागू होने की उम्मीद है।
ओटावा की प्रस्तावित कार्रवाई में अमेरिकी स्टील, डेयरी उत्पाद, घरेलू उपकरण, कृषि उपकरण, पल्प एवं पेपर और इलेक्ट्रॉनिक्स समेत कई वस्तुओं को निशाना बनाया जा सकता है।
कार्नी ने कहा कि कनाडा अपने श्रमिकों, किसानों, परिवारों और कारोबारों की सुरक्षा के लिए जवाबी कदम उठाएगा।
पहले ही लगाया जा चुका है 50% टैरिफ
इस ताजा घोषणा से पहले भी अमेरिका ने व्यापार वार्ता विफल होने के बाद करीब 20 अरब अमेरिकी डॉलर मूल्य के कनाडाई आयात पर 50 प्रतिशत टैरिफ लगाया था। इससे कनाडा के अमेरिका को होने वाले कुल निर्यात के लगभग 5 प्रतिशत हिस्से पर असर पड़ता है।
कार्नी के मुताबिक, बातचीत के दौरान दोनों देशों के बीच कुछ मुद्दों पर प्रगति हुई थी, लेकिन अमेरिका की ओर से अंतिम समय में किए गए बदलावों ने संभावित समझौते की राह मुश्किल कर दी।
अमेरिका ने कनाडा पर समझौते से पीछे हटने का आरोप लगाया
अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि ने कनाडा के वार्ता से हटने के फैसले की आलोचना करते हुए इसे एक अवसर गंवाना बताया। अमेरिका का आरोप है कि कनाडा ने बातचीत के दौरान पहले किए गए कुछ वादों से पीछे हटते हुए नई मांगें रखीं।
अमेरिका का कहना है कि उसने कनाडा को स्टील, एल्युमीनियम, ऑटोमोबाइल और लकड़ी जैसे क्षेत्रों में विशेष राहत देने की पेशकश की थी। इसके अलावा निर्यात नियंत्रण, डिजिटल व्यापार, महत्वपूर्ण खनिजों और सप्लाई चेन के समन्वय पर भी सहयोग का प्रस्ताव दिया गया था।
ट्रंप-कनाडा संबंधों में और तनाव
ट्रंप पहले भी कनाडा को लेकर कड़े बयान दे चुके हैं और कई मौकों पर उसे अमेरिका का संभावित “राज्य” तक बता चुके हैं। कनाडा द्वारा अमेरिकी टैरिफ का जवाब देने की घोषणा के बाद दोनों देशों के बीच तनाव और बढ़ गया है।
कार्नी ने कहा है कि कनाडा अब अपनी घरेलू अर्थव्यवस्था को मजबूत करने और निर्यात बाजारों में विविधता लाने पर ध्यान दे रहा है। उनके अनुसार, देश करीब 500 अरब डॉलर की बड़ी बुनियादी ढांचा परियोजनाओं को आगे बढ़ा रहा है और कनाडाई कारोबारों के लिए नए निर्यात बाजार तलाश रहा है।
उन्होंने यह भी कहा कि मौजूदा मुक्त व्यापार समझौतों के जरिए कनाडा को लगभग 1.5 अरब उपभोक्ताओं वाले बाजार तक प्राथमिकता प्राप्त पहुंच हासिल है और इस बाजार पहुंच को इस साल के अंत तक दोगुना करने की दिशा में काम किया जा रहा है।
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नए टैरिफ से दोनों देशों की सीमा के आर-पार गहराई से जुड़ी ऑटोमोबाइल, स्टील और अन्य औद्योगिक आपूर्ति श्रृंखलाओं पर दबाव बढ़ने की आशंका है।