वेनेजुएला में आए विनाशकारी भूकंप ने वैश्विक ऊर्जा बाजार में नई चिंताएं पैदा कर दी हैं। भारत, जिसने हाल के महीनों में मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच वेनेजुएला से कच्चे तेल का आयात तेजी से बढ़ाया था। अब इस प्राकृतिक आपदा के कारण संभावित आपूर्ति बाधाओं का सामना कर सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि स्थिति लंबे समय तक सामान्य नहीं हुई तो इसका असर भारतीय रिफाइनरियों और तेल व्यापार पर पड़ सकता है।
वेनेजुएला और भारत के रिश्ते हुए थे मजबूत
मध्य पूर्व में स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के आसपास लंबे समय से जारी तनाव के कारण भारत ने तेल आयात के स्रोतों में विविधता लाने की रणनीति अपनाई थी। इसी कड़ी में वेनेजुएला भारत के लिए कच्चे तेल का एक महत्वपूर्ण आपूर्तिकर्ता बनकर उभरा। अप्रैल और मई के दौरान भारत ने वेनेजुएला से कच्चे तेल की खरीद में उल्लेखनीय वृद्धि की, जिससे दोनों देशों के बीच ऊर्जा व्यापार मजबूत हुआ।
वेनेजुएला में शिपिंग गतिविधियों पर भूकंप का असर
हालांकि, भूकंप के बाद वेनेजुएला में बिजली आपूर्ति बाधित होने, सड़क और परिवहन नेटवर्क को नुकसान पहुंचने तथा कई बंदरगाहों पर आपातकालीन प्रतिबंध लगाए जाने से तेल की ढुलाई प्रभावित होने की आशंका बढ़ गई है। प्रमुख कार्गो बंदरगाह ला गुआइरा को आपदा क्षेत्र घोषित किए जाने के बाद शिपिंग गतिविधियों पर भी असर पड़ सकता है। इससे जहाजों की आवाजाही धीमी होने और माल लोडिंग में देरी की संभावना है।
पेट्रोल और डीजल की कीमतों में होगा बदलाव?
विशेषज्ञों का कहना है कि फिलहाल पेट्रोल और डीजल की कीमतों में तत्काल बढ़ोतरी की संभावना नहीं है। हालांकि, यदि जहाजों को बंदरगाहों पर अधिक समय तक इंतजार करना पड़ा या वैकल्पिक समुद्री मार्ग अपनाने पड़े, तो शिपिंग लागत, बीमा प्रीमियम और डेमरेज शुल्क बढ़ सकते हैं। इन अतिरिक्त खर्चों का असर तेल की कुल लागत पर पड़ सकता है।
भूकंप से भारत के आर्थिक हितों पर असर
इसके अलावा, भारत की सरकारी कंपनी ओएनजीसी विदेश ने भी वेनेजुएला की तेल परियोजनाओं में निवेश किया है। यदि भूकंप के कारण उत्पादन या निर्यात लंबे समय तक प्रभावित रहता है, तो भारत के आर्थिक और परिचालन हितों पर भी असर पड़ सकता है।
देशों के आर्थिक सहयोग और निवेश को लेकर हुई थी चर्चा
हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और वेनेजुएला की कार्यवाहक राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज के बीच दोनों देशों के आर्थिक सहयोग और निवेश को लेकर चर्चा हुई थी। दोनों नेताओं ने खनन, महत्वपूर्ण खनिज, फार्मास्यूटिकल्स और ऑटोमोबाइल क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर भी विचार किया था। लेकिन मौजूदा प्राकृतिक आपदा के चलते इन योजनाओं की गति प्रभावित हो सकती है।
Written By: Geeta Sharma