स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में वाणिज्यिक जहाजों पर कथित हमलों के बाद अमेरिका ने ईरान के कई सैन्य और रणनीतिक ठिकानों पर हमला किया। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि यह कार्रवाई जवाबी थी और भविष्य में किसी भी हमले का और कड़ा जवाब दिया जाएगा। उन्होंने यह भी दावा किया कि ईरान बातचीत करना चाहता है, लेकिन समझौते के पालन को लेकर सवाल बने हुए हैं।
रेलवे पुलों पर बमबारी
Axios की रिपोर्ट के मुताबिक, एक वरिष्ठ अमेरिकी अधिकारी के हवाले से दावा किया गया है कि अमेरिकी वायुसेना ने बुधवार को ईरान के दो रेलवे पुलों को भी निशाना बनाया। रिपोर्ट में कहा गया है कि इससे गोलेस्तान प्रांत में तुर्कमेनिस्तान सीमा के पास स्थित रेलवे लाइन पर हमले की खबरों को भी बल मिला है।
ईरान के इन 8 ठिकानों पर बरसे अमेरिकी बम
अमेरिकी सैन्य कार्रवाई के दौरान जिन प्रमुख स्थानों को निशाना बनाया गया, उनमें शामिल हैं- जास्क,सीरिक,बंदर अब्बास,अबू मूसा द्वीप,चाबहार पोर्ट का मैरिटाइम ट्रैफिक कंट्रोल टावर,बुशहर,उत्तरी ईरान के अकाला क्षेत्र का रेलवे ब्रिज,ईरानशहर (बलूचिस्तान प्रांत) बताया जा रहा है कि पहली बार उत्तरी ईरान के रेलवे नेटवर्क को भी निशाना बनाया गया।
IRGC के सलमान कमांड मुख्यालय पर हमला
रिपोर्ट्स के मुताबिक, दक्षिण-पूर्वी ईरान के ईरानशहर स्थित इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के सलमान कमांड मुख्यालय को भी निशाना बनाया गया। इसके अलावा चाबहार, कोनारक, बंदर अब्बास, जास्क, सीरिक और क़ेश्म समेत कई रणनीतिक इलाकों पर भी हमले किए गए।
हर हमले का 20 गुना जवाब देंगे- ट्रंप बोले
तुर्किए में नाटो शिखर सम्मेलन से लौटते समय एयर फोर्स वन में मीडिया से बातचीत के दौरान ट्रंप ने कहा कि अमेरिका ने वाणिज्यिक जहाजों पर हुए हमलों के जवाब में यह कार्रवाई की है। उन्होंने कहा कि यदि ईरान फिर हमला करता है तो अमेरिका 20 गुना ज्यादा ताकत से जवाब देगा। ट्रंप ने दावा किया कि ईरान ने दो नहीं, बल्कि तीन जहाजों को निशाना बनाया था और हालिया कार्रवाई उसी जवाबी अभियान का हिस्सा है।
ईरान बातचीत करना चाहता है, लेकिन भरोसा कैसे?
ट्रंप ने कहा कि अमेरिकी हमलों के बाद ईरान बातचीत के लिए तैयार है। हालांकि,उन्होंने सवाल उठाया कि क्या तेहरान किसी भी समझौते का पालन करेगा। उनके मुताबिक, यही सबसे बड़ी चिंता है। ट्रंप ने यह भी कहा कि हालात सामान्य नहीं हैं,लेकिन ईरान समझौते के लिए बेताब दिखाई दे रहा है।
'मकसद सिर्फ ईरान को परमाणु हथियार से रोकना'
ट्रंप ने दोहराया कि इस पूरी कार्रवाई का उद्देश्य ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोकना है। उन्होंने कहा कि अमेरिका किसी भी कीमत पर ईरान को परमाणु हथियार विकसित नहीं करने देगा।
'एयर फोर्स वन पर भी दी सफाई'
एयर फोर्स वन बदलने को लेकर चल रही अटकलों पर ट्रंप ने कहा कि यह फैसला किसी सुरक्षा खतरे की वजह से नहीं लिया गया था। उनके मुताबिक, विमान बदलने का निर्णय सिर्फ इसलिए लिया गया ताकि एयरबेस पर मौजूद लोग विमान को देख सकें। जब उनसे पूछा गया कि क्या एयर फोर्स वन को ईरान से कोई खतरा था, तो उन्होंने कहा कि वह हमेशा ईरान की सूची में पहले नंबर पर रहते हैं।
Written By: Archana Gupta