कराची: पाकिस्तान के कराची में बलूचिस्तान के तीन छात्रों के कथित तौर पर जबरन गायब करने का मामला सामने आया है। रिपोर्ट के अनुसार, रविवार को पाकिस्तान रेंजर्स द्वारा हिरासत में लिए जाने के बाद से तीनों छात्रों का कोई पता नहीं चल पाया है।

लापता छात्रों की पहचान अब्दुल कादिर और जुबैर अहमद के रूप में हुई है, जो बलूचिस्तान के बसीमा क्षेत्र के सियाहोजई के रहने वाले हैं। तीसरे छात्र सैफुद्दीन की पहचान खरान के किली सरावान निवासी के तौर पर की गई है।

पाकिस्तान रेंजर्स ने हिरासत में लिया था

रिपोर्ट के मुताबिक, तीनों छात्रों को कराची में पाकिस्तान रेंजर्स ने कथित रूप से हिरासत में लिया था, जिसके बाद उनके परिवारों को उनकी कोई जानकारी नहीं मिली। परिजनों ने छात्रों की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई है और उनके ठिकाने की तत्काल जानकारी देने की अपील की है।

परिवारों ने मांग की है कि अगर छात्रों के खिलाफ कोई आरोप हैं तो उन्हें अदालत में पेश किया जाए और कानून के अनुसार कार्रवाई की जाए।

मानसिक तनाव का सामना कर रहे परिजन

रिपोर्ट्स के अनुसार, बलूचिस्तान, कराची और पंजाब के कुछ हिस्सों में बलूच छात्रों और युवाओं के कथित जबरन गायब होने के मामलों को लेकर चिंता बढ़ रही है। मानवाधिकार कार्यकर्ताओं और परिवारों का कहना है कि ऐसे मामलों से छात्रों की पढ़ाई प्रभावित होती है और परिवारों को मानसिक तनाव का सामना करना पड़ता है।

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बलूच समुदाय में कथित जबरन गायब होने की घटनाएं लंबे समय से मानवाधिकार का एक बड़ा मुद्दा बनी हुई हैं। परिवारों और अधिकार समूहों ने पारदर्शिता, कानूनी प्रक्रिया और जवाबदेही सुनिश्चित करने की मांग की है।