आईपीएल के पूर्व चेयरमैन ललित मोदी ने साल 2010 में IPL की फ्रेंचाइजी कोच्चि टस्कर्स से जुड़े एक विवाद को लेकर बड़ा खुलासा किया है। बता दें, एक इंटरव्यू में उन्होंने दावा किया कि 2010 के आईपीएल के कोच्चि घोटाले में कांग्रेस की पूरी मशीनरी और तत्कालीन यूपीए अध्यक्ष सोनिया गांधी,थरूर के बचाव में उतर आई थीं।

ललित मोदी ने थरूर पर किया बड़ा दावा

साथ ही उन्होंने आगे यह भी बताया था कि जब उन्होंने थरूर की दिवंगत पत्नी सुनंदा पुष्कर से जुड़े कथित धोखाधड़ी वाले इक्विटी ढांचे को लेकर कोच्चि कंसोर्टियम के प्रवेश को रोकने की कोशिश की, तब सत्तारूढ़ यूपीए सरकार के पूरे तंत्र ने उन्हें गिराने की साजिश रची।

सोनिया गांधी कर रही थीं थरूर का बचाव: ललित मोदी

वहीं जब उन्हें पुछा गया कि शशि थरूर का बचाव कौन कर रहा था। इस सवाल पर ललित ने कहा,सोनिया गांधी,हर तरफ से मुझ पर निशाना साधा गया था। मुझे अहमद पटेल के फोन आते थे। उन दिनों प्रणब मुखर्जी के फोन आते थे।

विवाद पर ये क्या बोले ललित मोदी

ललित मोदी के मुताबिक, इस पूरे विवाद की शुरुआत तब हुई थी, जब उन्होंने कोच्चि कंसोर्टियम की ओर से गलत तरीके से तैयार किए गए वित्तीय मॉडल को मानने से इनकार कर दिया था। ग्रुप ने 350 मिलियन डॉलर की भारी बोली लगाकर टीम को तो हासिल कर लिया लेकिन इसका फाइनेंशियल मॉडल पूरी तरह संदिग्ध था। इसके अलावा उन्होंने कहा कि इस पर सस्पेंस तब और ज्यादा बढ़ गया, जब 'सुनंदा पुष्कर' नाम की एक अज्ञात महिला को बिना किसी इन्वेस्टमेंट के 25 फीसदी मुफ्त में इक्विटी दी जा रही थी।

'शैडो शेयर होल्डर' पर बोले ललित मोदी

ललित मोदी के मुताबिक जब उन्होंने इस 'शैडो शेयर होल्डर' की पहचान को लेकर सवाल उठाए और फ्रेंचाइजी के एग्रीमेंट पर साइन करने से इनकार कर दिया,तो तत्कालीन विदेश राज्य मंत्री शशि थरूर का उनके पास कॉल आया था।

शशि थरूर को लेकर दिया बड़ा बयान

अंत में ललित मोदी ने थरूर पर सनसनीखेज आरोप लगाते हुए दावा किया कि उन्होंने कॉल किया। और उनसे कॉल पर कहा कि 'ललित सुनंदा के बारे में मत पूछो, वह मेरी अच्छी दोस्त हैं। अगर तुमने ज्यादा सवाल किए, तो मैं सुबह तुम्हारे यहां रेड डलवा दूंगा।

Written By: Geeta Sharma