नई दिल्ली। अमेरिका की ईस्टर्न डिस्ट्रिक्ट ऑफ न्यूयॉर्क की जिला अदालत के जज निकोलस गारौफिस ने गौतम अडानी और सागर अडानी के खिलाफ आपराधिक आरोपों को खारिज कर दिया। इसके साथ ही अमेरिका में उनके खिलाफ चल रहा कानूनी मामला पूरी तरह समाप्त हो गया।
महेश जेठमलानी ने बताया अपेक्षित निर्णय
वरिष्ठ अधिवक्ता महेश जेठमलानी ने अडानी समूह के चेयरमैन गौतम अडानी और सागर अडानी के खिलाफ अमेरिका में चल रहे आपराधिक मामले को खारिज किए जाने के फैसले को “अपेक्षित निर्णय” बताया है। उन्होंने कहा कि इस मामले में शुरुआत से ही ठोस तथ्यात्मक आधार नहीं था।
फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए महेश जेठमलानी ने कहा कि जब नवंबर 2024 में संसद के सत्र से ठीक पहले यह मामला सामने आया था, तभी उन्होंने इसे “बोगस केस” बताया था।
उन्होंने कहा, “मेरी पहली प्रतिक्रिया है कि यह एक अपेक्षित फैसला था। मैंने 2024 में ही कहा था कि यह मामला पूरी तरह निराधार है और इसका कोई आधार नहीं है।”
न्याय विभाग ने आरोप वापस लेने का अनुरोध किया था
जेठमलानी के मुताबिक, इस मामले में अमेरिकी न्याय विभाग (DOJ) ने खुद अदालत से आरोप वापस लेने और केस खारिज करने का अनुरोध किया था। उनके अनुसार, विभाग ने माना था कि अडानी समूह, विशेष रूप से अडानी ग्रीन, की ओर से कोई उल्लंघन नहीं हुआ था।
उन्होंने कहा कि जज ने फैसला देने में समय लिया ताकि मामले के सभी पहलुओं की पूरी तरह जांच की जा सके। जांच के बाद अदालत ने माना कि इस मामले को शुरू करने का कोई आधार नहीं था।
जेठमलानी ने यह भी कहा कि अदालत ने मामले को “with prejudice” के साथ खारिज किया है। इसका मतलब है कि इसी मुद्दे पर अमेरिका में अडानी समूह के खिलाफ दोबारा यही मामला नहीं लाया जा सकता।
भारतीय कंपनियों को सावधान रहने की जरूरत
विदेशों में निवेश करने वाली भारतीय कंपनियों पर इसके प्रभाव को लेकर जेठमलानी ने कहा कि भारतीय कंपनियों को विदेशी नियामकीय व्यवस्थाओं को लेकर बेहद सतर्क रहना चाहिए।
उन्होंने कहा कि अमेरिका में निवेश और नियामकीय मामलों को लेकर वहां की एजेंसियां काफी सख्ती से काम करती हैं। इसलिए किसी भी तरह का निवेश करते समय कंपनियों को सभी नियमों का बहुत सावधानी से पालन करना चाहिए।
हालांकि, उन्होंने कहा कि आम तौर पर भारतीय कंपनियों का कानून का पालन करने का रिकॉर्ड अच्छा रहा है। उन्होंने इस मामले को बेहद गलत तरीके से बनाया गया मामला बताते हुए आरोप लगाया कि ऐसा लगा जैसे अडानी समूह के खिलाफ “विच हंट” चलाया जा रहा हो।
गौतम अडानी ने भी जताया भरोसा
अदालत के फैसले के बाद गौतम अडानी ने न्यायिक प्रक्रिया के प्रति सम्मान जताया। उन्होंने कहा कि मुश्किल दौर के दौरान उनका विश्वास सच्चाई, निष्पक्षता और कानून के शासन में बना रहा।
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अडानी ने कहा कि वह अमेरिकी अदालत के फैसले का विनम्रता और न्यायिक प्रक्रिया के प्रति गहरे सम्मान के साथ स्वागत करते हैं। उन्होंने उन लोगों का भी आभार जताया, जिन्होंने इस पूरे मामले के दौरान उन पर, व्यवस्था और भारत की न्याय क्षमता पर विश्वास बनाए रखा। उन हा कि अडानी समूह आगे भी देश के लिए निर्माण, मूल्य सृजन और बड़े उद्देश्य के साथ काम करता रहेगा।
Written By: Pradeep Singh