Jharkhand News: झारखंड में पेपर लीक को लेकर छोत्रों का प्रदर्शन अभी भी जारी है। बता दें, छात्र भर्ती परीक्षाओं में हो रही अनियमितताओं के खिलाफ अनशन पर बैठे हैं। उनका यह भी कहना है कि JSSC CGL परीक्षा रद्द करने और CBI जांच की मांग पर वे कायम हैं। साथ ही जब तक उनकी ये मांगें मांगें पूरी नहीं होतीं, आंदोलन जारी रहेगा।

धरना स्थल की स्ट्रीट लाइट बंद

मंगलवार देर रात प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि धरना स्थल के आसपास डीसी और एसएसपी गश्त करते नजर आए। छात्रों के मुताबिक, कुछ समय के लिए ग्राउंड और सड़क की स्ट्रीट लाइट बंद हो गई। जिससे प्रदर्शनकारियों में ये आशंका पैदा हुई कि प्रशासन विधानसभा की ओर हुए पिछले प्रदर्शन की तरह लाइट बंद कर आंदोलन को समाप्त कराने की कोशिश कर सकता है। हालांकि, टेंट के अंदर बिजली, लाइट और पंखे चलते रहे।

भूख हड़ताल कर रहे छात्रों की हालत बिगड़ी

आंदोलन के बीच कई छात्रों की तबीयत खराब होने से स्थिति गंभीर हो गई है। प्रदर्शनकारियों के अनुसार, भूख हड़ताल पर बैठे राहुल को पहले अस्पताल में भर्ती कराया गया। इसके बाद छात्रा अबीबा की तबीयत बिगड़ने पर उसे भी अस्पताल ले जाया गया। फिलहाल रूपेश और सविता भूख हड़ताल पर हैं और उनके अनशन का नौवां दिन है। छात्रों का दावा है कि दोनों केवल पानी का सेवन कर रहे हैं।

भूख हड़ताल कर रहे छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो की तबीयत खराब

करीब 10 दिन से भूख हड़ताल कर रहे छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो को भी रांची सदर अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में भर्ती कराया गया है। डॉक्टरों के अनुसार उनकी हालत फिलहाल स्थिर है। उनके ब्लड प्रेशर और ब्लड शुगर की लगातार निगरानी की जा रही है। हालांकि, प्रदर्शनकारियों का कहना है कि महतो ने अपील के बावजूद कुछ भी खाने से इनकार किया है।

लाठीचार्ज के विरोध में एकदिवसीय भूख हड़ताल

'झारखंड छात्र न्याय' के बैनर तले छात्रों ने पुलिस लाठीचार्ज के विरोध में एकदिवसीय भूख हड़ताल और काली पट्टी बांधकर प्रदर्शन करने का ऐलान किया है। सोमवार को विधानसभा की ओर मार्च के दौरान पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए लाठीचार्ज किया था। पुलिस ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए पानी की बौछारें और आंसू गैस का इस्तेमाल किया। छात्रों ने कई लोगों के घायल होने का दावा किया है, जबकि रांची पुलिस के अनुसार झड़प में उसके 14 जवान घायल हुए।

राजनीतिक घमासान भी तेज

पुलिस कार्रवाई के बाद मामला राजनीतिक रंग ले चुका है। बीजेपी ने विरोध में मंगलवार को राज्यव्यापी बंद रखा और परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं की स्वतंत्र जांच की मांग की। पार्टी ने JMM नीत सरकार पर प्रदर्शनकारी युवाओं की आवाज दबाने का आरोप लगाया। वहीं, अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) ने भी विधानसभा की ओर अलग मार्च निकाला।

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'जेपीएससी-जेएसएससी रिफॉर्म मंच' ने मंगलवार शाम रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम से अल्बर्ट एक्का चौक तक मौन जुलूस निकाला। संगठन ने आंदोलन जारी रखने और आगे विरोध तेज करने के लिए नई रणनीति घोषित करने की बात कही है।

छठे दौर की वार्ता भी नहीं निकली राह

सरकार और प्रदर्शनकारी छात्रों के प्रतिनिधियों के बीच रविवार को छठे दौर की बातचीत हुई, लेकिन गतिरोध समाप्त नहीं हो सका। दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर गंभीरता की कमी का आरोप लगाया। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा है कि उनकी सरकार परीक्षा प्रणाली में सुधार के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने 14वीं जेपीएससी परीक्षा रद्द करने का आश्वासन भी दोहराया।

छात्रों की मुख्य मांगे

सरकार और छात्रों के बीच बातचीत के बावजूद प्रदर्शनकारी अपनी प्रमुख मांगों पर अड़े हुए हैं। छात्रों का कहना है कि CBI जांच और JSSC CGL परीक्षा रद्द होने तक आंदोलन जारी रहेगा। ऐसे में भूख हड़ताल, पुलिस कार्रवाई और राजनीतिक बयानबाजी के बीच झारखंड में छात्र आंदोलन का गतिरोध फिलहाल खत्म होता नजर नहीं आ रहा है।

Written By: Geeta Sharma