Ram Temple Security News: अयोध्या में राम मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था को अब और मजबूत किया जा रहा है। शहर में नेशनल सिक्योरिटी गार्ड (NSG) के नए रीजनल हब की तैयारी चल रही है। रिपोर्ट के मुताबिक, सितंबर के अंत तक यहां ब्लैक कैट कमांडो की स्थायी तैनाती शुरू हो सकती है। इसका मकसद किसी बड़े आतंकी खतरे, बंधक संकट या अन्य गंभीर सुरक्षा स्थिति में तुरंत कार्रवाई सुनिश्चित करना है।

अयोध्या में क्यों जरूरी महसूस हुआ NSG हब?

राम मंदिर के निर्माण और प्राण प्रतिष्ठा के बाद अयोध्या में श्रद्धालुओं की आवाजाही काफी बढ़ी है। देश-विदेश से बड़ी संख्या में लोग यहां पहुंचते हैं। ऐसे में मंदिर और आसपास के महत्वपूर्ण इलाकों की सुरक्षा पहले के मुकाबले ज्यादा संवेदनशील हो गई है।मंदिर की सुरक्षा में पहले से ही उत्तर प्रदेश पुलिस, केंद्रीय सुरक्षा बलों और दूसरी एजेंसियों की भूमिका है। अब अयोध्या में NSG की स्थायी मौजूदगी से किसी बड़े खतरे की स्थिति में विशेषज्ञ कमांडो को दूसरे शहरों से बुलाने पर निर्भरता कम हो सकेगी।

24 घंटे तैयार रहेंगे ब्लैक कैट कमांडो

NSG को देश की प्रमुख आतंकवाद रोधी और बंधक संकट से निपटने वाली विशेष सुरक्षा बलों में गिना जाता है। इसके कमांडो बेहद संवेदनशील और जोखिम भरे ऑपरेशनों के लिए प्रशिक्षित होते हैं।अयोध्या में रीजनल हब शुरू होने के बाद यहां तैनात टीम जरूरत पड़ने पर तत्काल ऑपरेशन के लिए तैयार रहेगी। इसका फायदा सिर्फ राम मंदिर की सुरक्षा तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि उत्तर प्रदेश और आसपास के क्षेत्रों में किसी बड़े सुरक्षा संकट की स्थिति में भी मिल सकता है।

पूरे उत्तर प्रदेश पर रहेगी नजर

अयोध्या में बनने वाला NSG हब सिर्फ मंदिर परिसर के लिए नहीं होगा। इसका इस्तेमाल उत्तर प्रदेश और आसपास के इलाकों में बड़े आतंकी खतरे या हाई-रिस्क स्थिति से निपटने के लिए भी किया जा सकेगा।इससे किसी आपात स्थिति में प्रतिक्रिया का समय कम करने में मदद मिल सकती है। खासकर ऐसे मामलों में जहां स्थानीय सुरक्षा बलों को NSG जैसी विशेष प्रशिक्षित टीम की जरूरत पड़ती है।

26/11 के बाद बदली थी NSG की तैनाती की रणनीति

मुंबई में 2008 के आतंकी हमलों के दौरान NSG कमांडो को दिल्ली से मुंबई पहुंचने में लगा समय सुरक्षा व्यवस्था के लिए एक बड़ी चुनौती बना था। इसके बाद देश के अलग-अलग हिस्सों में NSG के रीजनल हब विकसित करने की रणनीति पर जोर दिया गया।इसका उद्देश्य यही था कि किसी बड़े आतंकी हमले या बंधक संकट की स्थिति में कमांडो को घटनास्थल तक पहुंचने में कम से कम समय लगे। अयोध्या में प्रस्तावित हब को भी इसी रणनीति का विस्तार माना जा रहा है।

अयोध्या बनेगा NSG का सातवां रीजनल हब

रिपोर्ट के अनुसार अयोध्या में हब शुरू होने के बाद यह NSG का सातवां रीजनल केंद्र होगा। इससे उत्तर भारत में फोर्स की त्वरित प्रतिक्रिया क्षमता और मजबूत होने की उम्मीद है।गृह मंत्री अमित शाह ने 2025 में अयोध्या में NSG की स्थायी तैनाती से जुड़े प्रस्ताव की घोषणा की थी। अब इसके अमल की दिशा में तैयारियां आगे बढ़ रही हैं।

राम मंदिर की सुरक्षा में जुड़ जाएगा एक और मजबूत सुरक्षा कवच

राम मंदिर पहले से ही हाई-सिक्योरिटी व्यवस्था के तहत है। मंदिर और अयोध्या की सुरक्षा में अलग-अलग एजेंसियां तैनात हैं। ऐसे में NSG के रीजनल हब की स्थापना को सुरक्षा व्यवस्था की एक अतिरिक्त परत के तौर पर देखा जा रहा है।अयोध्या में ब्लैक कैट कमांडो की स्थायी मौजूदगी से किसी बड़े आतंकी खतरे या आपात स्थिति में विशेषज्ञ बल की उपलब्धता स्थानीय स्तर पर ही सुनिश्चित हो सकेगी।