UP Assembly 2027: उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर भारतीय जनता पार्टी ने अभी से अपनी रणनीति पर काम शुरू कर दिया है। 2024 के लोकसभा चुनाव में मिली चुनौती के बाद पार्टी इस बार कोई बड़ा जोखिम लेने के मूड में नहीं है। सूत्रों के मुताबिक, भाजपा लोकसभा चुनाव की गलतियों से सबक लेते हुए 2027 के विधानसभा चुनाव में अपनी रणनीति और चुनावी भाषा दोनों में बदलाव करने की तैयारी में है।

भाजपा के नेताओं का मानना है कि 2024 में ‘400 पार’ का नारा पार्टी के लिए उम्मीद के मुताबिक असरदार साबित नहीं हुआ। पार्टी जनता के बीच इस नारे का उद्देश्य स्पष्ट नहीं कर सकी, जबकि विपक्ष संविधान बदलने की आशंका वाला नैरेटिव बनाने में सफल रहा। भाजपा के एक पूर्व प्रदेश अध्यक्ष के मुताबिक, यूपी में पार्टी को हुए नुकसान के पीछे यह धारणा भी एक महत्वपूर्ण वजह बनी।

2027 में ‘300 पार’ का नारा नहीं?
सूत्रों के अनुसार, भाजपा ने इस बार बड़े संख्यात्मक नारों से दूरी बनाने का फैसला किया है। विधानसभा चुनाव में ‘300 पार’ जैसे नारे सुनाई देने की संभावना कम है। इसके बजाय पार्टी ‘पूर्ण बहुमत’ और ‘प्रचंड बहुमत’ जैसे शब्दों के जरिए अपना चुनावी संदेश जनता तक पहुंचा सकती है। पार्टी का फोकस इस बार केवल सीटों का आंकड़ा बताने के बजाय सरकार के कामकाज और योजनाओं को जनता तक पहुंचाने पर रहने की संभावना है।

युवाओं की नाराजगी पर भी नजर
भाजपा के भीतर युवा वर्ग को लेकर भी मंथन चल रहा है। जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन और धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे से जुड़े सवाल पर पार्टी के एक नेता ने दावा किया कि युवाओं का रुझान अभी भी भाजपा के पक्ष में है और चुनाव से पहले नाराजगी दूर की जा सकती है। पार्टी का मानना है कि सरकार की योजनाओं और युवाओं से जुड़े कदमों के जरिए इस वर्ग को फिर से अपने साथ जोड़ा जा सकता है। हालांकि, यूजीसी से जुड़े मुद्दे को लेकर पार्टी के भीतर चर्चा जारी रहने की बात कही जा रही है।

सवर्ण वोटरों की नाराजगी ने बढ़ाई चिंता
भाजपा के लिए सवर्ण मतदाताओं की नाराजगी भी चिंता का विषय बन रही है। सूत्रों के मुताबिक, कुछ विधानसभा उपचुनावों के नतीजों के बाद पार्टी को ऐसे संकेत मिले हैं कि यूजीसी से जुड़े मुद्दे को लेकर सवर्ण वर्ग के एक हिस्से में असंतोष है। ऐसे में 2027 से पहले इस नाराजगी को दूर करने की कोशिश की जा सकती है।

राम मंदिर विवाद पर BJP का भरोसा
राम मंदिर से जुड़े चढ़ावे के विवाद को लेकर भाजपा नेता ने कहा कि इसका 2027 के चुनाव पर बड़ा असर पड़ने की संभावना नहीं है। उनका कहना है कि चुनाव में अभी समय है और तब तक राजनीतिक माहौल बदल सकता है। पार्टी का दावा है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की ओर से मामले में कार्रवाई किए जाने और दोषियों के खिलाफ कदम उठाने से जनता के बीच सकारात्मक संदेश गया है।

और पढ़ें: रैलियों में भीड़, बढ़ा खतरा और नेताओं को बुलेटप्रूफ जैकेट! अखिलेश-मायावती समेत इन दिग्गजों की सुरक्षा कड़ी