UP Election 2027:उत्तर प्रदेश में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले नेताओं की सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया जा रहा है। राज्य के करीब दर्जनभर चर्चित नेताओं को बुलेटप्रूफ जैकेट उपलब्ध कराई गई हैं। इनमें समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव और बहुजन समाज पार्टी की प्रमुख मायावती जैसे प्रमुख राजनीतिक चेहरे भी शामिल हैं। इसके अलावा प्रदेश सरकार के कई मंत्रियों और अन्य नेताओं को भी सुरक्षा के लिहाज से जैकेट दी गई है।
जानकारी के मुताबिक, कुछ नेताओं की सुरक्षा को लेकर संभावित खतरे को देखते हुए यह एहतियाती कदम उठाया गया है। चुनावी गतिविधियां बढ़ने के साथ नेताओं की रैलियां, रोड शो और जनसभाएं भी बढ़ेंगी। ऐसे में भीड़ के बीच सुरक्षा को लेकर एजेंसियां अतिरिक्त सतर्कता बरत रही हैं।
गृह मंत्रालय के सुझाव के बाद बढ़ी सतर्कता
बताया जा रहा है कि केंद्रीय गृह मंत्रालय की ओर से मिले सुझाव के बाद उत्तर प्रदेश में कुछ नेताओं की सुरक्षा को लेकर अतिरिक्त इंतजाम किए गए हैं। चुनावी दौर में नेताओं की आवाजाही और सार्वजनिक कार्यक्रम काफी बढ़ जाते हैं। इन आयोजनों में बड़ी संख्या में लोगों की मौजूदगी रहती है, जिससे सुरक्षा एजेंसियों के सामने चुनौती बढ़ जाती है। इसी को देखते हुए बुलेटप्रूफ जैकेट को भी सुरक्षा व्यवस्था की अतिरिक्त परत के तौर पर शामिल किया गया है।
अखिलेश यादव और मायावती भी सूची में
जिन नेताओं को बुलेटप्रूफ जैकेट उपलब्ध कराई गई है, उनमें अखिलेश यादव और मायावती के नाम प्रमुख हैं। दोनों ही उत्तर प्रदेश की राजनीति के बड़े चेहरे हैं और चुनाव के दौरान उनकी जनसभाओं में बड़ी भीड़ जुटती है। दोनों नेताओं को पहले से ही सुरक्षा मिली हुई है, लेकिन चुनावी सभाओं और भीड़भाड़ वाले कार्यक्रमों को देखते हुए अब सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया गया है।
कई मंत्रियों को भी मिला सुरक्षा कवच
बुलेटप्रूफ जैकेट पाने वालों में सिर्फ विपक्षी नेता ही नहीं, बल्कि उत्तर प्रदेश सरकार के कई मंत्री भी शामिल हैं। इनमें जयवीर सिंह, सुरेश खन्ना, नंद गोपाल गुप्ता नंदी, ओम प्रकाश राजभर और डॉ. संजय निषाद समेत कुछ अन्य नेताओं के नाम सामने आए हैं। इन नेताओं की लगातार सार्वजनिक और राजनीतिक गतिविधियों को देखते हुए सुरक्षा एजेंसियां किसी भी संभावित खतरे को लेकर पहले से तैयारी कर रही हैं।
सुरेश राणा और संगीत सोम को भी सावधानी की सलाह
सुरेश राणा और संगीत सोम समेत कुछ अन्य नेताओं को भीड़ वाले कार्यक्रमों में विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। जरूरत पड़ने पर या किसी आपात स्थिति में उन्हें बुलेटप्रूफ जैकेट पहनने को कहा गया है। यानी जैकेट को हर समय पहनना जरूरी नहीं होगा। कार्यक्रम की प्रकृति, स्थान और वहां मौजूद भीड़ के हिसाब से इसका इस्तेमाल किया जा सकता है।
कई नेताओं को पहले से मिली है सुरक्षा
इनमें से कई नेताओं को पहले से ही अलग-अलग सुरक्षा श्रेणियों में सुरक्षा प्राप्त है। कुछ नेताओं के पास Z, Y और X श्रेणी की सुरक्षा व्यवस्था है। बुलेटप्रूफ जैकेट दिए जाने का उद्देश्य मौजूदा सुरक्षा घेरे के अलावा नेताओं को व्यक्तिगत सुरक्षा का एक अतिरिक्त कवच उपलब्ध कराना है।
चुनाव से पहले क्यों बढ़ी चिंता?
विधानसभा चुनाव नजदीक आने के साथ नेताओं की राजनीतिक गतिविधियां बढ़ने वाली हैं। आने वाले समय में लगातार रैलियां, जनसभाएं और रोड शो होंगे। ऐसे आयोजनों में बड़ी भीड़ के कारण सुरक्षा संबंधी चुनौतियां भी बढ़ जाती हैं। इसी वजह से सुरक्षा एजेंसियां किसी घटना के बाद कार्रवाई करने के बजाय पहले से संभावित खतरे को ध्यान में रखकर तैयारियां कर रही हैं।