तुर्की के विदेश मंत्री हाकान फिदान ने एक बार फिर पाकिस्तान के साथ अपने देश के करीबी संबंधों का समर्थन करते हुए कहा है कि भारत को इस मुद्दे पर आपत्ति नहीं होनी चाहिए। उनके बयान ने तुर्की की विदेश नीति को लेकर नई चर्चा छेड़ दी है, खासकर ऐसे समय में जब भारत और तुर्की के संबंध हाल के वर्षों में तनावपूर्ण रहे हैं। सिंगापुर में आयोजित इंटरनेशनल इंस्टीट्यूट फॉर स्ट्रेटेजिक स्टडीज (IISS) के एक कार्यक्रम में बोलते हुए फिदान ने कहा कि पाकिस्तान के साथ अच्छे संबंध रखने वाला तुर्की कोई अकेला देश नहीं है। उन्होंने बताया कि विभिन्न देशों के साथ अलग-अलग मुद्दों पर मतभेद और सहयोग दोनों साथ-साथ चलते हैं।

तुर्की के विदेश ने भारत को लेकर कही ये बात

फिदान के अनुसार, तुर्की के रूस, अमेरिका और कुछ यूरोपीय देशों के साथ कई मामलों में मतभेद रहे हैं, लेकिन इससे सकारात्मक सहयोग प्रभावित नहीं होता। उन्होंने कहा कि इसी तरह भारत और तुर्की भी मतभेदों को अलग रखते हुए साझा हितों के क्षेत्रों में आगे बढ़ सकते हैं। भारत के साथ संबंधों पर बात करते हुए तुर्की के विदेश मंत्री ने कहा कि दोनों देशों के बीच किसी प्रकार का सीमा विवाद नहीं है, न ही कोई बड़ा द्विपक्षीय टकराव या ऐतिहासिक शत्रुता मौजूद है। उन्होंने जोर देकर कहा कि भारत और तुर्की के बीच मजबूत और सकारात्मक संबंध विकसित करने के पर्याप्त कारण हैं।

ऑपरेशन सिंदूर को लेकर तुर्की ने कही थी ये बात

हालांकि, ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तान के पक्ष में तुर्की के रुख ने भारत और अंकारा के रिश्तों में दूरी बढ़ा दी थी। पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत द्वारा चलाए गए अभियान पर तुर्की ने आलोचनात्मक प्रतिक्रिया देते हुए उसे “बिना उकसावे की कार्रवाई” बताया था। इसके बाद भारत ने तुर्की के राष्ट्रीय दिवस समारोह में आधिकारिक स्तर पर भागीदारी नहीं की, जिसे दोनों देशों के बीच बढ़े तनाव का संकेत माना गया। यह ताजा बयान ऐसे समय में आया है जब तुर्की भारत के साथ संबंध सुधारने की इच्छा जता रहा है, जबकि पाकिस्तान के साथ अपनी पारंपरिक मित्रता को भी बरकरार रखने पर जोर दे रहा है।


Written By Toshi Shah