अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दक्षिण कोरिया के साथ होने वाले संयुक्त सैन्य अभ्यास का दायरा कम करने का निर्देश दिया है। ट्रंप ने पेंटागन को सियोल के साथ होने वाली सैन्य गतिविधियों में बड़ी कटौती करने को कहा है। यह फैसला ऐसे समय आया है जब दक्षिण कोरिया ने ईरान को परमाणु हथियारों से मुक्त करने की अमेरिकी मुहिम में शामिल होने के ट्रंप के अनुरोध को ठुकरा दिया है।

सोशल मीडिया पर पोस्ट कर दी जानकारी

ट्रंप ने सोशल मीडिया पर पोस्ट के जरिए अपने फैसले की जानकारी दी, उन्होंने कहा कि उत्तर कोरिया के नेता किम जोंग उन के साथ उनके संबंध अच्छे हैं और इसी वजह से वह अमेरिका-दक्षिण कोरिया के पुराने संयुक्त सैन्य अभ्यासों को लेकर सहज नहीं हैं। ट्रंप के मुताबिक, इन अभ्यासों पर भारी रकम खर्च होती है और इसका बड़ा हिस्सा अमेरिका वहन करता है, उन्होंने यह भी दावा किया कि ऐसे सैन्य अभ्यास उत्तर कोरिया को गलत और आक्रामक संदेश देते हैं। ट्रंप ने कहा कि उत्तर कोरिया उनके राष्ट्रपति बनने के बाद से अपेक्षाकृत शांत और सम्मानजनक रहा है।

सैन्य अभ्यासों का दायरा घटेगा

ट्रंप ने कहा कि मौजूदा सैन्य अभ्यासों को पूरी तरह रोकना अब संभव नहीं है, लेकिन उन्होंने रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ को इनके पैमाने में उल्लेखनीय कमी करने का निर्देश दिया है,उन्होंने दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति के साथ हुई हालिया बातचीत का भी जिक्र किया। ट्रंप के अनुसार, उन्होंने दक्षिण कोरिया से ईरान के परमाणु निरस्त्रीकरण के अमेरिकी प्रयास में सहयोग करने को कहा था, लेकिन सियोल ने इस प्रस्ताव को स्वीकार नहीं किया।

सऊदी अरब, तुर्किए और पाकिस्तान के समझौते का किया स्वागत

ट्रंप ने अपनी एक अन्य सोशल मीडिया पोस्ट में सऊदी अरब, तुर्किए और पाकिस्तान के बीच हुए 'मक्का संयुक्त रक्षा समझौते' का भी स्वागत किया, उन्होंने कहा कि मध्य पूर्व के देशों का सुरक्षा के क्षेत्र में एक-दूसरे के करीब आना सकारात्मक कदम है। अमेरिकी राष्ट्रपति ने तीनों देशों के नेतृत्व की प्रशंसा करते हुए समझौते को क्षेत्रीय रक्षा सहयोग की दिशा में एक महत्वपूर्ण और साहसिक पहल बताया। उन्होंने उम्मीद जताई कि इससे इन देशों की सामूहिक सुरक्षा क्षमता और मजबूत होगी।

 

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Written By Toshi Shah