वॉशिंगटन डीसी। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ओमान को चेतावनी दी है कि अगर वह होर्मुज जलडमरूमध्य के नियंत्रण को लेकर ईरान के साथ किसी समझौते में अमेरिका के रुख में बाधा डालता है तो अमेरिका कड़ी सैन्य कार्रवाई कर सकता है।

फॉक्स न्यूज के संवाददाता ट्रे यिंगस्ट के साथ फोन पर बातचीत में ट्रंप ने कहा कि अगर ओमान इस मामले में हस्तक्षेप करता है तो अमेरिका "भारी बमबारी" करेगा। यह बयान ऐसे समय आया है जब जून में हुए 60 दिवसीय अमेरिका-ईरान समझौते (MoU) की समय सीमा खत्म होने वाली है और पश्चिम एशिया में तनाव जारी है।

ट्रंप ने ईरान को लेकर कहा कि उसे "आत्मसमर्पण का सफेद झंडा उठाना चाहिए", हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि उनके पास कोई तय समय सीमा नहीं है। उन्होंने कहा, "मैं जल्दबाजी में नहीं हूं।"

जब उनसे ईरान और ओमान के बीच होर्मुज जलडमरूमध्य के नियंत्रण और सुरक्षित नौवहन को लेकर चल रही बातचीत के बारे में पूछा गया तो ट्रंप ने कहा, "अगर ओमान रास्ते में आया तो हम उन्हें भारी कीमत चुकाएंगे।"

अमेरिकी दबाव और नौसैनिक नाकाबंदी जारी

ट्रंप ने दावा किया कि अमेरिका की नौसैनिक नाकाबंदी के कारण ईरान पर आर्थिक दबाव बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि ईरानी नेता "अच्छे पोकर खिलाड़ी" हैं, लेकिन मौजूदा हालात में वे "मुश्किल स्थिति" में हैं। उन्होंने यह भी कहा कि नवंबर में होने वाले अमेरिकी मध्यावधि चुनावों का उनकी ईरान नीति से कोई संबंध नहीं है।

अमेरिकी हथियार भंडार को लेकर ट्रंप ने कहा कि पश्चिम एशिया में अब तक इस्तेमाल किए गए हथियार "बहुत कम मात्रा" में हैं। उन्होंने दावा किया कि अमेरिका के पास बड़ी संख्या में मध्यम स्तर के हथियार मौजूद हैं, जबकि उन्नत हथियारों का बड़ा हिस्सा पूर्व राष्ट्रपति जो बाइडेन के कार्यकाल में यूक्रेन को दिया गया था।

ईरान-ओमान के बीच होर्मुज को लेकर बातचीत जारी

ट्रंप की चेतावनी के बीच ईरान और ओमान होर्मुज जलडमरूमध्य में सुरक्षित व्यावसायिक नौवहन व्यवस्था तैयार करने को लेकर बातचीत जारी रखे हुए हैं। दोनों देशों ने कई हफ्तों की तकनीकी बातचीत के बाद इस समुद्री मार्ग के लिए एक संयुक्त शिपिंग रूट मैप तैयार किया है।

ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने कहा कि ईरान और ओमान के बीच बातचीत जारी है, लेकिन मुद्दे की जटिलता, कई पक्षों की भागीदारी और कुछ देशों के कथित "विनाशकारी प्रयासों" के कारण इसमें देरी हो रही है।

बघाई ने कहा कि बातचीत का उद्देश्य ऐसा तंत्र तैयार करना है जिससे दोनों तटीय देशों की संप्रभुता बनी रहे और इस महत्वपूर्ण जलमार्ग से व्यापारिक जहाजों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित हो सके। उन्होंने कहा, "होर्मुज जलडमरूमध्य में असुरक्षा हम पर, क्षेत्र पर और पूरी दुनिया पर थोपी गई है। इसका कारण अमेरिका की अवैध सैन्य कार्रवाई है।"

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ईरानी अधिकारी ने बताया कि बातचीत में तीन प्रमुख चुनौतियां हैं- मुद्दे की जटिलता, इसमें शामिल कई पक्षों का प्रभाव और कुछ ताकतों के कथित प्रयास जो क्षेत्र में अस्थिरता बनाए रखना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि इन चुनौतियों के बावजूद ईरान और ओमान के बीच वार्ता गंभीरता से जारी है और दोनों देश अपने हितों व चिंताओं को ध्यान में रखते हुए एक साझा व्यवस्था विकसित करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

Written By; Pradeep Singh