दिल्ली-एनसीआर के लाखों यात्रियों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। जल्द ही नोएडा, ग्रेटर नोएडा, गाजियाबाद और जेवर स्थित नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के बीच सफर पहले से अधिक आसान, तेज और सुविधाजनक होने वाला है। नोएडा प्राधिकरण ने पहले चरण में 50 इलेक्ट्रिक बसें शुरू करने की तैयारी तेज कर दी है। इस नई सिटी बस सेवा का मुख्य उद्देश्य सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को मजबूत करना और लोगों की निजी वाहनों पर निर्भरता कम करना है।

नोएडा प्राधिकरण SEO ने की तैयारियों की समीक्षा

नोएडा प्राधिकरण के SEO कृष्णा करुणेश ने हाल ही में अधिकारियों के साथ बैठक कर परियोजना की तैयारियों की समीक्षा की। अधिकारियों के अनुसार, अगले दो महीनों के भीतर बस सेवा शुरू करने का लक्ष्य रखा गया है। इन आधुनिक इलेक्ट्रिक बसों में यात्रियों को कई स्मार्ट सुविधाएं मिलेंगी। यात्री मोबाइल ऐप के जरिए टिकट बुक कर सकेंगे, ऑनलाइन भुगतान कर पाएंगे और बस की लाइव लोकेशन भी ट्रैक कर सकेंगे। इससे सफर अधिक सुगम और डिजिटल होगा।

नोएडा और ग्रेटर नोएडा समेत दिल्ली में चलेंगी बसे

प्राधिकरण के मुताबिक, बसों का न्यूनतम किराया 10 रुपये रखा जाएगा, जबकि लंबी दूरी के रूटों पर लगभग 50 रुपये तक किराया हो सकता है। यह सेवा आम लोगों के लिए किफायती साबित होगी। बसों का संचालन केवल नोएडा और ग्रेटर नोएडा तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि दिल्ली के सराय काले खां और आनंद विहार, गाजियाबाद रैपिड मेट्रो स्टेशन तथा जेवर एयरपोर्ट तक भी किया जाएगा।

50 बसों में से 45 बसें नियमित रूप से चलेंगी

पहले चरण में 9 मीटर और 12 मीटर लंबी इलेक्ट्रिक बसें चलाई जाएंगी। इनमें 10 डबल डेकर बसें भी शामिल होंगी, जिन्हें सेक्टर-38 बोटैनिकल गार्डन से परी चौक के बीच चलाया जाएगा। बस संचालन के लिए लगभग 150 कर्मचारियों की नियुक्ति की जाएगी, जिनमें ड्राइवर और कंडक्टर शामिल होंगे। कुल 50 बसों में से 45 बसें नियमित रूप से चलेंगी, जबकि 5 बसों को स्टैंडबाय रखा जाएगा।

10 से 15 मिनट में बस उपलब्ध कराने की योजना

यात्रियों की सुविधा के लिए हर 10 से 15 मिनट के अंतराल पर बस उपलब्ध कराने की योजना बनाई गई है। यह सेवा पांच प्रमुख रूटों पर शुरू होगी, जिनमें सेक्टर-90 डिपो, बोटैनिकल गार्डन, ग्रेटर नोएडा, वेस्ट गौर सिटी, सेक्टर-62, सूरजपुर, सराय काले खां, आनंद विहार, गाजियाबाद और जेवर एयरपोर्ट शामिल हैं।

इलेक्ट्रिक बसों के संचालन से प्रदूषण होगा कम

यह परियोजना केवल परिवहन सुविधा बढ़ाने तक सीमित नहीं है, बल्कि पर्यावरण संरक्षण की दिशा में भी बड़ा कदम मानी जा रही है। इलेक्ट्रिक बसों के संचालन से प्रदूषण कम होगा और एनसीआर में हरित एवं आधुनिक परिवहन व्यवस्था को बढ़ावा मिलेगा।

Written By: Geeta Sharma