स्विट्जरलैंड में हुई शुरुआती वार्ता के बाद अमेरिका और ईरान के बीच परमाणु कार्यक्रम की निगरानी को लेकर मतभेद और गहरे होते नजर आ रहे हैं। शांति समझौते पर चर्चा के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने स्पष्ट किया है कि किसी भी संभावित समझौते के लिए अंतरराष्ट्रीय परमाणु निरीक्षण अनिवार्य होगा।

परमाणु गतिविधियों की जांच करने कीदी जाएगी अनुमति

ट्रंप ने कहा कि प्रस्तावित समझौते के तहत अंतरराष्ट्रीय निरीक्षकों को ईरान की परमाणु गतिविधियों की जांच करने की अनुमति दी जाएगी, उन्होंने ईरान के उन बयानों को खारिज किया, जिनमें किसी निरीक्षण व्यवस्था को स्वीकार करने से इनकार किया गया था। अमेरिकी राष्ट्रपति ने जोर देकर कहा कि तेहरान को वार्ता में शामिल सभी शर्तों की पूरी जानकारी है। उन्होंने कहा कि ईरानी पक्ष द्वारा निरीक्षण संबंधी प्रतिबद्धताओं पर उठाए जा रहे सवाल वास्तविक स्थिति को नहीं दर्शाते। ट्रंप के अनुसार, यदि ईरान की ओर से दिए जा रहे दावे सही होते, तो अमेरिका इस विषय पर चल रही बातचीत को तुरंत समाप्त कर देता।

ट्रंप ने कही ये बात

ट्रंप ने यह भी बताया कि अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) के निरीक्षकों को तय समय पर संबंधित स्थलों तक पहुंच प्रदान की जाएगी। ट्रंप ने भरोसा जताया कि निरीक्षण प्रक्रिया समझौते का महत्वपूर्ण हिस्सा होगी और इसे लागू करने में कोई बाधा नहीं आने दी जाएगी। वहीं, दूसरी ओर, ईरान अब भी उन रिपोर्टों को स्वीकार करने से बच रहा है जिनमें बमबारी से प्रभावित परमाणु स्थलों पर संयुक्त राष्ट्र या अंतरराष्ट्रीय अधिकारियों की संभावित पहुंच की बात कही जा रही है। इसी मुद्दे को लेकर दोनों देशों के बीच बयानबाजी तेज हो गई है, जिससे वार्ता की दिशा पर भी सवाल उठने लगे हैं।

Written By Toshi Shah