अमेरिका और ईरान के बीच लंबे समय से जारी तनाव एक बार फिर गंभीर स्तर पर पहुंच गया है। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में एक कारोबारी कंटेनर जहाज पर हुए हमले के बाद अमेरिका ने ईरान के खिलाफ नई सैन्य कार्रवाई शुरू करने का दावा किया है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के अनुसार, यह अभियान ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) द्वारा साइप्रस के ध्वज वाले कंटेनर जहाज एम/वी जीएफएस गैलेक्सी को निशाना बनाए जाने के जवाब में चलाया गया।
अमेरिकी अधिकारियों ने कही ये बात
अमेरिकी अधिकारियों के मुताबिक, भारतीय समयानुसार रविवार रात शुरू हुई इस कार्रवाई का उद्देश्य समुद्री सुरक्षा सुनिश्चित करना और अंतरराष्ट्रीय व्यापारिक जहाजों की रक्षा करना था। जहाज पर हुए हमले में आग लगने से उसके इंजन रूम को गंभीर नुकसान पहुंचा, जिसके कारण वह आगे यात्रा करने में असमर्थ हो गया। चालक दल का एक सदस्य अब भी लापता बताया जा रहा है, जबकि अन्य सदस्यों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के प्रयास जारी हैं।
अमेरिकी रक्षा मंत्री ने ईरान को दी धमकी
अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने कहा कि ईरान की इस कार्रवाई के परिणाम उसे भुगतने होंगे। वहीं, अमेरिकी प्रशासन का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय जलमार्गों में किसी भी प्रकार की सैन्य आक्रामकता को स्वीकार नहीं किया जाएगा।
ईरान के सरकारी ने कही ये बात
दूसरी ओर, ईरान के सरकारी प्रसारक आईआरआईबी के अनुसार, अमेरिकी हमलों के बाद असालुयेह, बंदर अब्बास, सीरिक, बंदर देयर और चाबहार सहित कई क्षेत्रों में विस्फोटों की आवाजें सुनी गईं। स्थानीय रिपोर्टों में अलग-अलग स्थानों पर धमाकों की पुष्टि की गई है, हालांकि नुकसान का पूरा आकलन अभी सामने नहीं आया है।
चेतावनियों के बावजूद जहाज ने बदली दिशा- ईरान
इससे पहले ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड ने दावा किया था कि संबंधित जहाज ने अपना ट्रैकिंग सिस्टम बंद कर निर्धारित समुद्री मार्ग का पालन नहीं किया। ईरान का कहना है कि कई चेतावनियों के बावजूद जहाज ने दिशा नहीं बदली, जिसके बाद चेतावनी स्वरूप कार्रवाई की गई। इसी के साथ तेहरान ने अगले आदेश तक स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को समुद्री यातायात के लिए बंद करने की घोषणा की और चेतावनी दी कि यदि अमेरिका ने आगे कोई सैन्य कदम उठाया तो क्षेत्र में मौजूद उसके ठिकानों को निशाना बनाया जा सकता है।
मस्कट में दोनों पक्षों के बीच चल रही है बातचीत
इस बीच तनाव कम करने के लिए कूटनीतिक प्रयास भी जारी हैं। ओमान और कतर की मध्यस्थता में मस्कट में दोनों पक्षों के बीच बातचीत चल रही है। ईरान ने स्पष्ट किया है कि भविष्य की वार्ता तभी आगे बढ़ेगी, जब अमेरिका पहले होर्मुज और तेल निर्यात से जुड़े पूर्व समझौतों का सम्मान करेगा। लगातार बढ़ते तनाव और सैन्य गतिविधियों ने वैश्विक ऊर्जा बाजार की चिंताओं को भी बढ़ा दिया है, क्योंकि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल परिवहन मार्गों में शामिल है।
Written By Toshi Shah